पीड़ित ने थकहार कर उच्च न्यायालय की शरण में जाने को मजबूर
जनता प्राथमिक विद्यालय पकड़ी भोजपुर रामपुर कला से संबंधित है मामला
अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर। जिले में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए अवैध नियुक्ति का बड़ा मामला प्रकाश में आया है। मामला टांडा तहसील क्षेत्र के जनता बालिका जूनियर हाई स्कूल से सम्बद्ध जनता प्राथमिक विद्यालय पकड़ी भोजपुर रामपुर कला का है।
पीड़ित जितेंद्र कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि विद्यालय में सर्वप्रथम उनकी नियुक्ति के साथ रामचन्द्र, विपिन कुमार, दिनेश मौर्य और अवनीश वर्मा सहित अन्य लोगों की वैध नियुक्ति की गई थी। युडायस पोर्टल पर भी सत्र 2021-22 और 2022-23 तक सभी शिक्षकों का नाम दर्ज है। इसके बावजूद तत्कालीन बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व बीएसए जे. एन. सिंह, विद्यालय प्रबंधक दयाराम मौर्य तथा बेसिक शिक्षा कार्यालय में तैनात सुधीर कुमार श्रीवास्तव की मिलीभगत से चार अन्य लोगों की फर्जी नियुक्ति कर दी गई। पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में उसने विगत वर्ष शिकायत की थी। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
तत्कालीन सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) रवीन्द्र सिंह द्वितीय ने शासनादेश सं. 438/79-6-2017 दिनांक 25 अगस्त 2017 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया था कि विद्यालय प्रबंधक द्वारा वेतन अनुमन्यता हेतु कोई प्रस्ताव प्रस्तुत न करने के कारण किसी भी शिक्षक की वेतन अनुमन्यता निर्गत नहीं की गई है। इसका अर्थ यह है कि विद्यालय में मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल नियमावली 1975 की धारा-9 के तहत कोई वैध नियुक्ति नहीं हुई है।
इसके बावजूद विद्यालय प्रबंधन और बेसिक शिक्षा कार्यालय की मिलीभगत से विवेक कुमार, गीता देवी, अखिलेश कुमार, रेनू और दिनेश कुमार नामक व्यक्तियों को क्रमशः 06 नवंबर 2023 और 15 दिसंबर 2023 को यू-डाइस पोर्टल पर दर्ज करा दिया गया। इतना ही नहीं, इन फर्जी नियुक्तियों के आधार पर वर्ष 2017 से एरियर तक निकलवा लिया गया, जो शिक्षा व्यवस्था में गहरे भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। पीड़ित जितेंद्र सिंह ने शासन व प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।कार्यवाही न होने की दशा में उच्च न्यायालय की शरण में जाने की बात कही है।





