हैंडपंप, चौकी निर्माण और ब्लीचिंग पाउडर छिड़काव के नाम पर हुई संदिग्ध निकासी
अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर।
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के तमाम दावों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कटेहरी विकासखंड अंतर्गत मंशापुर गांव में ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा सरकारी धन की जमकर बंदरबांट किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, हैंडपंप मरम्मत के नाम पर लाखों रुपए सरकारी खजाने से निकाले गए, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कहां और किसके घर के सामने कार्य हुआ। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर भी इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इसी तरह चौकी निर्माण और संचारी रोग नियंत्रण के नाम पर भी धन निकासी की गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ब्लीचिंग पाउडर और दवा का छिड़काव कभी गांव में नहीं हुआ। इसके चलते हरिजन बस्ती के नालियों में पानी भरा रहने से मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।

गांव में जल निकासी व्यवस्था के नाम पर खर्च दिखाया गया, लेकिन नालियां जाम पड़ी हुई हैं। हल्की बारिश होते ही पानी का भराव हो जाता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को इस भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।





