अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।
जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के बिडहर घाट पुलिस चौकी के पास बीते शनिवार सुबह हुई सनसनीखेज लूट की वारदात ने पूरे जिले में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। बेखौफ बदमाशों ने कार सवार दो कपड़ा व्यापारियों मोहम्मद रईस निवासी नेवारी दूराजपुर और मोहम्मद जलाल निवासी मुंडेरा, हंसवर को घेरकर हमला कर दिया और 17 लाख 40 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि बदमाशों ने तमंचे की बट से हमला कर दोनों को घायल कर दिया और पैरों के पास फायरिंग कर दहशत फैलाई। इसके बाद बिहार से वसूली कर लौट रहे व्यापारियों से नकदी से भरा बैग छीनकर मौके से फरार हो गए। वारदात इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग मदद के लिए आगे तक नहीं आ सके।
घटना के तुरंत बाद जब पीड़ित मदद के लिए नजदीकी बिडहर घाट पुलिस चौकी पहुंचे, तो वहां ताला लटका मिला।
चौकी से महज 100 मीटर दूरी पर हुई इस वारदात ने पुलिस की सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए छह टीमें गठित कीं और कई जगहों पर छापेमारी भी की। आला अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए। नई एसपी प्राची सिंह ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बावजूद छह दिन बीत जाने के बाद भी
मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड अब तक फरार हैं।किसी ठोस गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो सकी।
घटनास्थल के पास लगा सीसीटीवी कैमरा कुछ महीने पहले हटा दिया गया था, जिससे जांच में अहम सुराग नहीं मिल पा रहे हैं। इसे लेकर भी स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब 6 दिन और 6 टीमें लगने के बाद भी आरोपी नहीं पकड़े जा सके, तो आम आदमी अपनी सुरक्षा की उम्मीद कैसे करे। उन्होंने लूटी गई रकम की बरामदगी और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
दिनदहाड़े पुलिस चौकी के पास हुई इस दुस्साहसी वारदात ने जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। लोग पूछ रहे हैं क्या गश्त सिर्फ कागजों तक सीमित है? चौकी पर तैनात कर्मी घटना के समय कहां थे? सीसीटीवी हटाया जाना महज संयोग है या कोई बड़ी लापरवाही? फिलहाल पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। अब देखना होगा कि अम्बेडकरनगर पुलिस इस चुनौती का सामना कैसे करती है और कब तक इस सनसनीखेज लूटकांड का खुलासा कर पाती है।


