बीते दिनों जमीन विवाद में कर दी गई थी हत्या
जलालपुर, अम्बेडकर नगर।उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर जिले के जलालपुर क्षेत्र में एक जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था, जिसके परिणामस्वरूप ग्रामसभा जीवत के खुर्रमुल्लीपुर पूर्वे में राजाभोज विश्वकर्मा की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही विधान परिषद सदस्य और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने पीड़ित परिवार के आवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
हंसराज विश्वकर्मा ने मृतक राजाभोज के छोटे भाई विन्द्रेश विश्वकर्मा और उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने कहा, न्याय आपके साथ है। हर परिस्थिति में हम आपके साथ खड़े हैं और हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तलब किया और मामले की गहन जांच के लिए विस्तृत वार्तालाप किया।
दान पत्र से शुरू हुआ विवाद
हंसराज विश्वकर्मा ने अधिकारियों से बातचीत के दौरान मामले की जड़ तक जाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में राजाभोज विश्वकर्मा ने अपने भाई को दान पत्र के माध्यम से जमीन हस्तांतरित की थी। इसके बावजूद, आरोपी ने कथित तौर पर स्टांप पर जमीन अपने नाम करवा ली और उस पर कब्जा कर लिया। विधान परिषद सदस्य ने अधिकारियों से सवाल किया, “जब दान पत्र 2022 में वैध रूप से बनाया गया था, तो आरोपी ने जमीन पर कब्जा कैसे कर लिया? आप लोगों ने इस मामले में अब तक कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की?” उन्होंने अधिकारियों को तत्काल उचित कदम उठाने और दोषियों को दंडित करने के निर्देश दिए।
विश्वकर्मा समाज का समर्थन
इस मौके पर विश्वकर्मा समाज के सैकड़ों गणमान्य लोग पीड़ित परिवार के समर्थन में एकत्र हुए। इनमें विनोद सोनकर, हीरालाल विश्वकर्मा, श्यामसुंदर विश्वकर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष पिछड़ा मोर्चा विजय विश्वकर्मा, राधेश्याम विश्वकर्मा, ओमप्रकाश विश्वकर्मा, नारद विश्वकर्मा, सुनील विश्वकर्मा, बृज कुमार विश्वकर्मा, कैलाश विश्वकर्मा, राममिलन विश्वकर्मा और वीरेंद्र विश्वकर्मा जैसे प्रमुख नाम शामिल थे। समाज के लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन पर दबाव, न्याय की उम्मीद
हंसराज विश्वकर्मा ने इस घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताते हुए कहा कि जमीनी विवाद में किसी की जान लेना समाज के लिए कलंक है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इस मामले में लापरवाही बरती गई, तो वह इसे विधान परिषद में जोर-शोर से उठाएंगे। साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि भाजपा और विश्वकर्मा समाज उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
घटना का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खुर्रमुल्लीपुर पूर्वे में जमीनी स्वामित्व को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दान पत्र के बाद भी आरोपी पक्ष ने जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की, जिसके चलते दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया। इसी तनाव ने हिंसक रूप ले लिया और राजाभोज विश्वकर्मा की हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी और स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
हंसराज विश्वकर्मा के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विश्वकर्मा समाज और स्थानीय लोग इस मामले में निष्पक्ष जांच और कठोर सजा की मांग कर रहे हैं।
यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि जमीनी विवादों से उत्पन्न होने वाली सामाजिक समस्याओं की गंभीरता को भी उजागर करती है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और न्याय की प्रक्रिया पर टिकी हैं।





