अवधी खबर संवाददाता
जलालपुर अंबेडकरनगर।जलालपुर तहसील में प्राइवेट कर्मियों का बोलबाला खुलेआम चल रहा है, जो काश्तकारों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं। तहसील परिसर में निःशुल्क सेवा के नाम पर कार्य करने वाले ये कर्मी अवैध वसूली में लिप्त हैं।
जानकारी के अनुसार, काश्तकार पहले ही लेखपालों की कार्यशैली से परेशान हैं और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मजबूरी में उन्हें पैसे देने पड़ते हैं। लेकिन लेखपालों के मुंशी इससे भी दो कदम आगे हैं। उदाहरण के तौर पर, खसरे की नकल जैसे छोटे से काम के लिए प्राइवेट कर्मी प्रति पेज 100 रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। यह सब तब हो रहा है, जब सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्राइवेट कर्मी को तहसील में कार्य करने की अनुमति नहीं है।
बावजूद इसके, जलालपुर तहसील में प्राइवेट कर्मियों की भरमार है। प्रत्येक लेखपाल और कानूनगो के साथ एक से तीन मुंशी कार्यरत हैं, जो काश्तकारों के लिए मुसीबत का सबब बन गए हैं। ये मुंशी बिना रिश्वत लिए कोई काम करने को तैयार नहीं हैं। काश्तकारों का कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा इस भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए, ताकि भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो और काश्तकारों की कमाई पर चल रही इस लूट को रोका जा सके। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो काश्तकारों का शोषण और बढ़ सकता है।





