अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर।
जनपद में मनरेगा कार्यों में लगातार हो रहे भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और जांच का हवाला देकर प्रकरणों को फाइलों में दबा दिया जाना अब आम बात हो गई है। ताजा मामला जलालपुर विकासखंड के कबूलपुर गांव का है, जहां ग्राम प्रधान और सचिव पर सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं।

बरसात के इस मौसम में कागजों पर नाला खुदाई का कार्य दिखाया जा रहा है, जबकि मौके पर हकीकत बिल्कुल अलग है। बताया जा रहा है कि सर्विस रोड से नदी तक नाला खुदाई के नाम पर अलग-अलग मास्टर रोल संख्या 4809, 4810, 4811, 4812 और 4813 में कुल 50 मजदूरों को कार्यरत दिखाया गया है। जबकि हकीकत यह है कि मौके पर कोई कार्य नहीं हो रहा है। ग्राम प्रधान और सचिव की मिलीभगत से केवल धन निकासी का खेल चल रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आगामी चुनाव को देखते हुए अवैध तरीके से धन की निकासी की जा रही है। वहीं जब इस संबंध में खंड विकास अधिकारी जलालपुर दिनेश राम से टेलीफोनिक संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। डीसी मनरेगा से संपर्क करने पर मीटिंग में व्यस्त होने की बात कही गई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच की जाए तो गांव के कई अन्य घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है।





