प्रमोद कुमार वर्मा
अम्बेडकरनगर (अवधी खबर)।
कोतवाली अकबरपुर क्षेत्र में पार्किंग कर्मियों पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में तीन दिन बीत जाने के बाद भी मुकदमा दर्ज न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि दबंगों ने जातिसूचक गालियां देते हुए चाकू, लाठी-डंडा और सरिया से हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लालापुर सरैया थाना अकबरपुर निवासी संजय कुमार पुत्र मस्तराम वी-2 मार्ट के सामने स्थित कुलदीप गुप्ता की पार्किंग में कार्य करते हैं। संजय कुमार के मुताबिक बीती छह तारीख की रात करीब 9 बजे पुरानी रंजिश को लेकर मुमताज पुत्र सगीर, शालू पुत्र छोटे, मिल्ली निवासी मीरानपुर शहजादपुर तथा फिटनेस जिम और प्रोफेशनल सैलून में कार्यरत 10-12 अन्य लोगों ने मिलकर उन पर हमला कर दिया।
पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें, राकेश और गुड्डू को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और जान से मारने की नीयत से धारदार हथियारों व लाठी-डंडों से प्रहार किया।
शोर सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हुए तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना तत्काल 112 नंबर पर दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल अकबरपुर भेजा गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। पीड़ितों को चोटें भी आई हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना के दो दिन बीत जाने के बावजूद अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़ित संजय कुमार का कहना है कि उन्होंने नामजद तहरीर दी है, लेकिन पुलिस कार्रवाई करने में टालमटोल कर रही है।
इस मामले में पुलिस की निष्क्रियता को लेकर स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है। यदि जातिसूचक गालियों और जानलेवा हमले के आरोप सही हैं, तो यह गंभीर आपराधिक मामला बनता है। अब देखना यह है कि पुलिस कब तक आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करती है या पीड़ितों को न्याय के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।



