14 वर्षीय बेटे अंश ने दी मुखाग्नि, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम सलामी
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।झारखंड में 106 रैपिड एक्शन फोर्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में तैनात जवान विनय सिंह उर्फ सोनू सिंह की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद सोमवार सुबह उनके पैतृक गांव डेढ़ईयां का पूरा थाना क्षेत्र महरुआ में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।रविवार को दुर्घटना में निधन के बाद देर रात उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी सीलम सिंह, पिता सोमनाथ, मां ब्रह्मा देवी, 14 वर्षीय पुत्र अंश तथा 10 वर्षीय पुत्र गोलू सहित परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

सूचना मिलते ही गांव व आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।बेटे ने दी पिता को मुखाग्निसोमवार सुबह गांव के श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 14 वर्षीय बेटे अंश ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान छोटा भाई गोलू भी उनके साथ मौजूद रहा। यह दृश्य देखकर वहां उपस्थित सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं।सीआरपीएफ के जवानों ने पार्थिव शरीर को चिता पर रखकर पुष्पचक्र अर्पित किया और गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए अंतिम सलामी दी।
जवानों द्वारा तिरंगा झंडा अंश और गोलू को सौंपा गया। श्मशान घाट “सोनू सिंह अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।होली की छुट्टी पर घर लौटते समय हुआ हादसाबताया जाता है कि विनय सिंह होली की छुट्टी लेकर अपने घर लौट रहे थे। बिहार सीमा के समीप उनकी बस और सामने से आ रही ट्रैवलर के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 अन्य लोग घायल हुए।
मृतकों में विनय सिंह भी शामिल थे।अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूदअंतिम संस्कार में 63 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल अयोध्या तथा 95वीं वाहिनी के कार्मिक उपस्थित रहे। सहायक कमांडेंट धर्मेंद्र कुमार यादव के नेतृत्व में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न कराई गई।इस अवसर पर महरुआ थानाध्यक्ष महेंद्र सरोज, इंस्पेक्टर मंगल चतुर्वेदी, लक्ष्मी उपाध्याय सहित पुलिस बल मौजूद रहा। बोकारो रेंज के डीआईजी भी दलबल के साथ पहुंचे। बड़ी संख्या में ग्रामीण और दूर-दराज से आए लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए।गांव में शोक की लहर है और हर आंख नम दिखाई दी।




