अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर (प्रमोद वर्मा)।
जनपद के कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय जाफरगंज में वित्तीय अनियमितताओं और विकास कार्यों में लापरवाही को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्रधानाध्यापक पर आरोप है कि विभिन्न मदों में आए लाखों रुपये के सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, जबकि विद्यालय में कोई ठोस विकास कार्य नजर नहीं आता।
सूत्रों के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्र के विकास के लिए प्राप्त धनराशि को भी निकाल लिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं कराया गया। वहीं, कंपोजिट ग्रांट के तहत विद्यालय में रंगाई-पुताई तक नहीं कराई गई, जिससे विद्यालय की स्थिति बदहाल बनी हुई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रति छात्र मिलने वाले टीएलएम (शैक्षणिक सामग्री) के नाम पर पूरा खर्च दिखा दिया गया, जबकि बच्चों को कोई सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके अलावा, मिड-डे मील योजना में भी फर्जीवाड़े का आरोप है बताया जा रहा है कि प्रतिदिन बच्चों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर धन निकासी की जा रही है।
प्राथमिक खंड की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है, जहां पिछले दो वर्षों से कोई विकास कार्य नहीं हुआ। खेलकूद सामग्री के नाम पर भी धन खर्च दिखाया गया, लेकिन बच्चों को कोई लाभ नहीं मिला। वहीं, आईटीसी लैब के लिए आए बजट का भी अधिकांश हिस्सा निकाल लिया गया, जबकि लैब का कार्य अधूरा पड़ा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और भौतिक सत्यापन किया जाए, तो बड़े स्तर पर वित्तीय घोटाले का खुलासा हो सकता है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर शिक्षा विभाग कब जागेगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या नहीं?
वही जब इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी अकबरपुर हिमांशु मिश्रा से वार्ता करने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं रिसीव हो सका। जब इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश पटेल से वार्ता किया गया तो उनके द्वारा बताया गया कि मामला संज्ञान में नहीं है खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित का जांच करवाते हैं।




