अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकर नगर। महरुआ थाना क्षेत्र में अधिवक्ता प्रभात मिश्रा पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए पांच और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब तक इस मामले में सभी नामजद 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिससे इलाके में राहत का माहौल है।
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो चार पहिया वाहन और अपाची मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। थाना प्रभारी महेंद्र सरोज के अनुसार, स्कॉर्पियो वाहन को आरोपियों ने लखनऊ से किराये पर लिया था।
घटना 21 मार्च की शाम करीब 3 बजे महरुआ थाना क्षेत्र के तरसावा गेट के पास की है, जहां पहले से घात लगाए हमलावरों ने अधिवक्ता की गाड़ी को स्कॉर्पियो लगाकर रोक लिया। जैसे ही वाहन रुका, आरोपियों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनकी कार को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
हमलावरों ने अधिवक्ता को जबरन गाड़ी से बाहर निकालकर स्कॉर्पियो में डालने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों के विरोध के चलते आरोपी अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके और फरार हो गए।
महरुआ पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में सदानंद दुबे पुत्र उमेश चंद्र दुबे, निवासी गिरधारी पुरवा, थाना जयसिंहपुर,अभिनव उर्फ गट्टू पुत्र शिव शंकर तिवारी, निवासी ग्राम बहरी, थाना महरुआ
किशन पांडे उर्फ प्रिंस पुत्र राकेश पांडे, निवासी गौसपुर समिति का पूरा, थाना अकबरपुर ऋषभ तिवारी पुत्र बद्रीनाथ तिवारी, निवासी गोविंद गणेशपुर, थाना कोतवाली अकबरपुर जयवर्धन त्रिपाठी उर्फ हेमंत पुत्र सुरेश त्रिपाठी, निवासी मुसईतपुर, थाना बेवाना को शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
इससे पहले पुलिस विशाल, चंद्रजीत, जिलाजीत, इंद्रजीत, प्रांजल और शुभम को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। अधिवक्ता पंकज पांडेय की तहरीर पर कुल 11 नामजद और करीब आधा दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा तीन विशेष टीमों का गठन किया गया था। लगातार छापेमारी और साक्ष्य संकलन के बाद पुलिस को यह सफलता मिली। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी महेंद्र सरोज, उपनिरीक्षक सुधीर त्रिपाठी सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
इस चर्चित मामले में अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है, वहीं अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।




