अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर।जनपद में शनिवार, 2 मई को दो अलग-अलग हत्याकांडों ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। एक ओर अकबरपुर के मीरानपुर मोहल्ले में चार मासूम बच्चों की निर्मम हत्या हुई, तो वहीं सम्मनपुर थाना क्षेत्र में एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी (IG) ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
📍 मीरानपुर (अकबरपुर): चार बच्चों की बेरहमी से हत्याशनिवार
दोपहर करीब तीन बजे मीरानपुर मोहल्ले के एक घर में चार छोटे बच्चों के खून से लथपथ शव बिस्तर पर मिलने से हड़कंप मच गया। घर का दरवाजा अंदर से बंद था, जबकि बच्चों की मां मौके से गायब बताई जा रही है।मृतकों की पहचान महरूआ निवासी नियाज के पुत्र शफीक, सऊद, उमर और पुत्री बयान के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि नियाज लंबे समय से सऊदी अरब में नौकरी कर रहे हैं और वहां उन्होंने दूसरी शादी कर ली थी।प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पारिवारिक तनाव के चलते मां ने ईंट से बच्चों की हत्या की और इसके बाद बालकनी से कूदकर फरार हो गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटाने में लगी है, जबकि महिला की तलाश जारी है।
📍 सम्मनपुर थाना क्षेत्र: युवक की हत्या से दहशत
इसी
दिन सम्मनपुर थाना क्षेत्र के एक बाग में 25 वर्षीय सूरज उपाध्याय (निवासी मछली गांव) का शव मिलने से क्षेत्र में दहशत फैल गई। युवक की पीठ पर धारदार हथियार से गहरे घाव के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।बताया जा रहा है कि सूरज शुक्रवार शाम बाइक से घर से निकला था और इसके बाद से लापता था।
पुलिस को शव के पास उसकी बाइक भी बरामद हुई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
📌 IG ने किया निरीक्षण, जांच तेजदोनों
सनसनीखेज घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए आईजी ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को हर पहलू की गहन जांच करने, साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
📌 बढ़ते अपराधों से दहशत, पुलिस पर दबाव
हाल के दिनों में जिले में हत्या, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी से जनता में भय का माहौल है।फिलहाल अंबेडकरनगर पुलिस दोनों मामलों में फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और कई टीमों को जांच में लगाया गया है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।



