पुलिस से बचाने के लिए समय आने पर काट देता है जुर्माने की रसीद
अवधी ख़बर संवाददाता
बाबा बाजार- अयोध्या।
जनपद के बाबा बाजार थाना क्षेत्र में इस समय ठेकेदारो व वन कर्मचारियों की मिलीभगत से प्रतिबंधित हरे पेड़ों का अवैध कटा चरम पर है। और पुलिसिया कार्यवाही से ठेकेदारो को बचाने के लिए वन विभाग ही जुर्माने की रसीद थमा देता है। सूत्रों से पता चला है कि वन विभाग ठेकेदारो से पहले रुपये लेकर जेब में रखता है और जब अवैध कटान की जानकारी पुलिस को होती है और पुलिस वन विभाग से जानकारी करती है तो पता चलता है कि जुर्माना कर दिया गया है बस वहीं पुलिस के हाथ पैर ढीले पड जाते हैं।
कल दिन भर चला सुनबा गाँव में कटान, नीम के पांच हरे पेड़ों को काटे जाने की सूचना– सूत्र-:
सूत्रों के हवाले से पता चला है कि कल सुनबा गाँव में बीरेंद्र बहादुर सिंह पुत्र सुखपाल सिंह व अरविंद सिंह पुत्र माता बदल सिंह ने अपने साझे के नीम के पांच पेड़ों को बाजार शुक्ल थाना क्षेत्र जनपद अमेठी के निवासी ठेकेदार लल्लू चौबे के हाथों बेचकर कटवाया है प्रतिबंधित पेड़ों को बिना अनुमति काटने का आदेश किसी को नहीं है तो ये खेल कैसे चल रहा है पता करने पर सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली की वन विभाग की मिलीभगत से ये खेल अक्सर चलता रहता है। क्षेत्रिय वनकर्मी ठेकेदारो से पैसे लेकर जेब में रखते हैं और जब मामले की शिकायत पुलिस के पास पहुंचती है या किसी अन्य तरीके से पुलिस को जानकारी होती है और पुलिस वन विभाग से जानना चाहती है वनकर्मी जुर्माना करने का हवाला देकर मामले को दफन कर देते हैं। मामला वन विभाग से संबंधित रहता है इसलिए पुलिस के भी हाथ पैर ढीले पड जाते हैं।वैसे
ये कोई नया मामला नहीं इससे पहले भी प्रतिबंधित पेड़ों के अवैध कटान हुए और वन विभाग की कथित उडनदस्ता टीम भी आई है लेकिन ये टीम भी ले देकर जुर्माना ही करती है कभी ठेकेदारो पर अवैध कटान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नही होता। सरेआम हरियाली पर आरा चलता रहता है हरियाली का सत्यनाश होता रहता है हरियाली के रक्षक ही हरियाली के भक्षक बने हैं। उक्त कथित ठेकेदार लल्लू चौबे पर अवैध कटान को लेकर बाबा बाजार थाने में मुकदमा पंजीकृत हो चुका है लेकिन न ठेकेदार सुधर रहा है और न ही वन विभाग सुधरने का नाम ले रहा है।



