छात्र की मौत के मामले में विद्यालय प्रधानाचार्य व शिक्षकों पर मुकदमे का आदेश

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अवधी खबर संवाददाता

अम्बेडकरनगर (प्रमोद वर्मा)। भीटी थाना क्षेत्र निवासी कक्षा 12 के छात्र आर्यन निषाद की जहरीला पदार्थ खाने से हुई मौत के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अम्बेडकरनगर की अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। छात्र का विद्यालय एसडी मेमोरियल स्कूल, जाना बाजार, जनपद अयोध्या में स्थित है, जबकि मृतक छात्र अम्बेडकरनगर के भीटी थाना क्षेत्र का रहने वाला था।

न्यायालय ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए भीटी थानाध्यक्ष को विद्यालय के प्रधानाचार्य कौशल किशोर सिंह सहित संबंधित विद्यालय प्रशासन व शिक्षकों के विरुद्ध उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार विवेचना कराने का आदेश दिया है।

प्रकरण में मृतक छात्र के पिता अमरजीत ने न्यायालय में धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। आरोप लगाया गया कि उनका पुत्र आर्यन निषाद एसडी मेमोरियल स्कूल, जाना बाजार, अयोध्या में कक्षा 12 का छात्र था और विद्यालय के प्रधानाचार्य व शिक्षकों द्वारा उसे बार-बार मानसिक रूप से प्रताड़ित एवं छात्रों के सामने अपमानित किया जाता था।

प्रार्थी के अनुसार, प्रधानाचार्य द्वारा उनके पुत्र को कार्यालय में बुलाकर डांटा जाता था तथा कक्षा अध्यापक शिखा मिश्रा, गुड्डू और भारती की मौजूदगी में भी उसे पढ़ाई में कमजोर होने, नशा करने और परीक्षा में फेल करने की धमकी दिए जाने का आरोप है। प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि छात्र से कथित तौर पर कहा गया कि जब तुम कुछ अच्छा नहीं कर सकते तो तुम्हें जीने का अधिकार नहीं है।

आवेदक का आरोप है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना और कथित उकसावे से आहत होकर आर्यन ने 9 जनवरी 2026 को जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मामले में स्थानीय पुलिस से कार्रवाई न होने पर मृतक के पिता ने पुलिस अधीक्षक को 23 मार्च 2026 को पंजीकृत डाक से शिकायती पत्र भेजा था।

न्यायालय द्वारा संबंधित थाने से कराई गई प्रारंभिक जांच में विद्यालय स्टाफ द्वारा प्रताड़ित किए जाने के आरोपों के संबंध में पुष्टिकारक साक्ष्य नहीं मिलने की बात आख्या में सामने आई। हालांकि न्यायालय ने यह भी माना कि छात्र की मृत्यु जहरीला पदार्थ खाने से हुई और यह प्राकृतिक मृत्यु नहीं थी। अदालत के अनुसार, मुकदमा दर्ज कर विस्तृत विवेचना किए जाने से मामले के सही तथ्य सामने आ सकते हैं तथा प्रथम दृष्टया संज्ञेय प्रकृति का अपराध बनता प्रतीत होता है।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप कुमार ने 6 अगस्त 2026 को आदेश जारी करते हुए भीटी थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि यदि इस प्रकरण में पहले से मुकदमा पंजीकृत नहीं है तो आवेदक के कथनों के आधार पर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार विवेचना कराई जाए। साथ ही प्रथम सूचना रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर न्यायालय में भेजना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

गौरतलब है कि छात्र जिले के भीटी थाना क्षेत्र का निवासी था, जबकि जिस विद्यालय में वह पढ़ता था, वह अयोध्या जनपद के जाना बाजार क्षेत्र में स्थित है।

मामले में विद्यालय प्रधानाचार्य और शिक्षकों पर लगाए गए आरोप फिलहाल आरोप मात्र हैं। इनकी पुष्टि पुलिस विवेचना और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।


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