अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। टांडा तहसील के बसखारी थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत हरैया में स्थित एक प्राचीन हनुमान मंदिर की पावन भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण को लेकर विवाद गरमा गया है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंदिर से महज कुछ कदमों की दूरी पर संचालित एक रेस्टोरेंट में खुलेआम मांस-मछली की बिक्री की जा रही है, जिससे श्रद्धालु और स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार, 9 जुलाई 2025 की सुबह लगभग 8:30 बजे मंदिर के पुजारी द्वारा कथित रूप से बैनामे की जमीन पर रखी गई कुर्सी को जेसीबी मशीन से हटवा दिया गया। बताया जा रहा उसी के बगल होटल संचालित किया जा रहा है, जिसके बारे में आरोप है कि यह राम-जानकी मंदिर की भूमि पर अवैध रूप से बना है।
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब मीडिया द्वारा पुजारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं पुजारी को किसी प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा उकसाकर यह कार्य तो नहीं करवाया गया।
जनता में रोष: धार्मिक स्थल के पास मांस बिक्री को लेकर विरोध
स्थानीय लोगों ने इस बात पर कड़ा विरोध जताया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद मंदिर से कुछ ही दूरी पर मांस-मछली की बिक्री हो रही है। जनता का कहना है कि यह सरकार के आदेशों की खुलेआम अवहेलना है और प्रशासनिक ढिलाई का परिणाम है। प्रशासन और राजस्व विभाग पर सवाल उठते हैं कि अब तक अवैध निर्माण और धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाले कारोबार पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई? क्या धार्मिक स्थलों की गरिमा और श्रद्धालुओं की भावना का कोई मोल नहीं रह गया?
संभावित कार्रवाई की प्रतीक्षा
यदि पुजारी का पक्ष सामने आता है, तो उनके बयान के बाद इस मामले में और स्पष्टता आएगी। लेकिन तब तक यह सवाल बना रहेगा कि क्या मंदिर की जमीन पर हो रहा अवैध कब्जा और मांस बिक्री प्रशासन की जानकारी में है, और अगर हां, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जनता और श्रद्धालुओं की एक ही मांग है – धार्मिक स्थलों की मर्यादा और भूमि की रक्षा की जाए, और दोषियों पर सख्त कार्यवाही हो।





