अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर। जनपद मुख्यालय की सड़कों पर ई-रिक्शा ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। अधिकांश चालक न तो वैध ड्राइविंग लाइसेंस रखते हैं और न ही वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र है। कई नाबालिग चालक भी नियमों की अवहेलना करते हुए सड़कों पर रफ्तार का खेल खेल रहे हैं।
जनता रोजाना जाम की समस्या से जूझ रही है, जबकि ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई के बजाय मूकदर्शक बनी है। स्थानीय लोग इसे लापरवाही से बढ़कर मिलीभगत का संकेत मानते हैं और सवाल उठाते हैं—“क्या ई-रिक्शा चालकों के लिए कानून बंद है?” ई-रिक्शा चालकों के लिए कोई निश्चित रूट नहीं है, जिससे वे कहीं भी मनमानी से घूमते हैं और जाम की समस्या बढ़ाते हैं।
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्द नियम कड़ाई से लागू न किए गए तो समस्या और गंभीर होगी। उन्होंने प्रशासन से चालक की वैधता जांचने, फिटनेस अनिवार्य करने, नाबालिगों को रोकने और रूट निर्धारण की मांग की है। जिम्मेदार अधिकारी व पुलिस विभाग इस समस्या पर तत्काल कार्रवाई कर रहे हैं।





