अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में चल रहे फर्जीवाड़े पर आखिरकार प्रशासन का डंडा चला। अकबरपुर-टांडा मार्ग स्थित चर्चित अथर्व स्कैन सेंटर को शुक्रवार को प्रशासनिक टीम ने सील कर दिया। लगातार मिल रही शिकायतों और बिना पंजीकरण संचालन की पुष्टि के बाद यह कार्रवाई की गई।
नायब तहसीलदार देवेंद्र श्रीवास्तव और सीएचसी अधीक्षक डॉ. नूर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अवैध रूप से संचालित सेंटर पर ताला जड़ दिया। अधिकारियों के मुताबिक, यह वही सेंटर है जिसे महज एक सप्ताह पूर्व एसडीएम सदर ने बिना पंजीकरण और अपंजीकृत डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड कराए जाने की शिकायत पर सीज किया था। लेकिन कुछ ही दिनों बाद सेंटर दोबारा चालू कर दिया गया और जांच का धंधा फिर से शुरू हो गया।
जानकारी के अनुसार, लोहिया भवन के पास स्थित इस सेंटर पर अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी सुविधाएं धड़ल्ले से चलाई जा रही थीं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. नूर ने स्पष्ट कहा कि “अथर्व स्कैन सेंटर का कोई मान्य रजिस्ट्रेशन नहीं है और यहां लगातार गैरकानूनी तरीके से जांचें की जा रही थीं।” वहीं, नायब तहसीलदार ने बताया कि कार्रवाई एसडीएम सदर एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निर्देश पर की गई है।
इस कार्रवाई के बाद जिलेभर के अन्य पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटरों में खलबली मच गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि अब सभी जांच केंद्रों की कड़ी जांच होगी और बिना पंजीकरण पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई तय है।
यह मामला न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर सवाल खड़ा करता है बल्कि यह भी उजागर करता है कि मुनाफे की लालच में लोगों की जिंदगी से किस तरह खिलवाड़ किया जा रहा था। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की यह सख्ती और कितने फर्जी केंद्रों की पोल खोलती है।





