अवधी खबर संवाददाता
बसखारी (अम्बेडकर नगर)।
प्रभावती कैलाश चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में सोमवार को आयोजित सर्वधर्म सामूहिक विवाह समारोह ने मानवीय एकता और सामाजिक सद्भाव की मिसाल पेश की। बसखारी के अवध मैरिज लॉन में घोड़े, रथ, ढोल-ताशे और संगीत की मधुर धुनों के बीच 21 दूल्हों की बारात राजशाही अंदाज में पहुंची तो पूरा परिसर शादी की रौनक से झूम उठा।
कार्यक्रम में गरीब और असहाय परिवारों की 21 बेटियों का विवाह परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ सम्पन्न कराया गया — जिनमें 19 हिंदू और 2 मुस्लिम जोड़े शामिल रहे। वैदिक मंत्रोच्चारण और कुरान की आयतों के बीच संपन्न हुए इन विवाहों ने एकता में विविधता की भावना को साकार कर दिया।
शाम को हिन्दुस्तान मैरिज हॉल से रथ और घोड़ों पर सवार होकर दूल्हों की बारात बसखारी बाजार होते हुए विवाह स्थल पहुंची। वहां ट्रस्ट सदस्यों और स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा और पारंपरिक संगीत के बीच भव्य स्वागत किया। मंच पर राजकुमारियों की तरह सजी दुल्हनों ने अपने जीवनसाथी के साथ सात फेरे लिए। वैदिक मंत्रोच्चारण गायत्री शक्तिपीठ के आचार्य राजेश कुमार और उनकी टीम ने कराया, जबकि मुस्लिम जोड़ों का मौलाना जिया-उल-हक और खालिक अशरफ ने निकाह संपन्न कराया।
ट्रस्ट के संस्थापक-अध्यक्ष वरिष्ठ समाजसेवी शरद यादव और संरक्षक कैलाश यादव की यह पहल अब प्रदेश स्तर पर पहचान बना चुकी है। चार वर्ष पूर्व शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक सैकड़ों गरीब बेटियों की शादियां शाही अंदाज में कराई जा चुकी हैं। इस बार पहली बार अन्य जनपदों की बेटियों का भी विवाह ट्रस्ट की ओर से संपन्न कराया गया।
हर नवविवाहित जोड़े को गृह उपयोग की 21 वस्तुएं उपहारस्वरूप दी गईं, जिनमें सिलाई मशीन भी शामिल रही ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें। इस ऐतिहासिक अवसर पर लगभग 10,000 लोग साक्षी बने। कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री लालजी वर्मा, विधायक राम अचल राजभर, सांसद राम शिरोमणि वर्मा, पूर्व सांसद सांखलाल माझी, पूर्व सांसद रितेश पांडे, पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, पत्रकार और बुद्धिजीवी शामिल हुए।
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष अमित कुमार यादव, कोषाध्यक्ष जावेद राइन तथा महासचिव गंगाराम गौतम सहित अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोकगायिका और जिला पंचायत सदस्य डॉ. प्रतिमा यादव ने बसखारी नगरिया कैलाश यादव की नगरिया जैसे पारंपरिक विवाह गीतों से ऐसा समां बांधा कि पूरा पंडाल तालियों की गूंज से भर गया। उनकी शानदार प्रस्तुति के लिए ट्रस्ट संरक्षक कैलाश यादव ने उन्हें ₹11,000 नगद पुरस्कार और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
थानाध्यक्ष सुनील कुमार पांडे के नेतृत्व में बेहद मजबूत रही। भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद ट्रस्ट की ओर से पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया गया। यह आयोजन न केवल सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बना बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि बेटियां बोझ नहीं, सम्मान और संस्कार की पहचान हैं।





