
जलालपुर, अंबेडकर नगर,
21 फरवरी 2025 केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित एडवोकेट अधिनियम संशोधन बिल 2025 के विरोध में जलालपुर बार एसोसिएशन, अंबेडकर नगर ने कड़ा रुख अपनाया है। बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को एक आपातकालीन बैठक आयोजित की, जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर इस बिल का विरोध करने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने तहसीलदार जलालपुर को माननीय विधि मंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली के नाम एक 6 सूत्री ज्ञापन सौंपा।
बार एसोसिएशन ने विधिक परिषद उत्तर प्रदेश के 19 फरवरी 2025 के पत्र के अनुपालन में यह कदम उठाया है। ज्ञापन में 6 सूत्री मांगों को शामिल किया गया है, जिन्हें लेकर अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। विरोध के प्रतीक स्वरूप जलालपुर बार के अधिवक्ताओं ने बांह पर काली पट्टी बांधकर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा की है।
आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने की। इस दौरान सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे, जिनमें संत प्रसाद पांडे, राजपथ सिंह, एडवोकेट रामजतन वर्मा, महेंद्र कुमार यादव, पंकज मिश्रा, सुरेश सिंह, ललित नारायण मिश्र, ग्रिजेश, सत्य प्रकाश मिश्रा, कुंवर बहादुर यादव जैसे प्रमुख नाम शामिल थे। सभी ने बैठक में लिए गए निर्णय का समर्थन किया।
जलालपुर बार एसोसिएशन का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन बिल अधिवक्ताओं के हितों के खिलाफ है और इससे विधि व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका विरोध और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
इस घटनाक्रम से क्षेत्र में विधि समुदाय के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है, और अब सबकी नजर केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी है।





