बसखारी विकास खण्ड के टड़वा मिश्र गांव का मामला
जांच अधिकारी भी इस खेल में शामिल होकर ग्राम प्रधान को बचाया
ग्रामीणों का आरोप ग्राम पंचायत में कोई विकास कार्य जमीनी स्तर पर हुआ ही नहीं
अंबेडकर नगर। जिले के विकासखंड बसखारी अंतर्गत तड़वा मिश्र के ग्राम प्रधान के द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया गया है जमीनी स्तर पर काम न किए जाने का भी आरोप ग्रामीण के द्वारा लगाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में लगे खड़ंजे के पुराने ईट को ग्राम प्रधान के द्वारा बेच दिया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि 600 मीटर विधायक संजू देवी के निधी से इंटरलॉकिंग लगवाया गया। जिसमें पहले से लगे पुराने खड़ंजे के ईंट को प्रधान ने बेच लिया था ग्राम प्रधान के द्वारा बेचे गए पुराने ईंट के बारे में जब शिकायत की गई तो ग्राम प्रधान ने शिकायतकर्ता को फोन करके धमकी भरे लहजे में कहा गांव में किसी की हिम्मत नहीं है शिकायत करने की तो तुम कैसे बाहर के होकर कर रहे हो।
शिकायत की जांच में झोल झाल
विकास खण्ड बसखारी के अधिकारी शिकायत के निस्तारण में लिखते हैं कि जो पुरानी ईंट निकला था वह ईंट रद्दी हो गया था उसको मिट्टी में डाल दिया गया है उसके ऊपर इंटरलॉकिंग लगवाया गया है जांच के लिए एक टीम गठित किया गया है । बताया जाता है कि जो जांच किया गया था वह भी विकास खण्ड बसखारी के अधिकारीयों ने ही जांच किया था आप समझ सकते हैं जहां से विकास का रूपया ग्राम पंचायत में भेजा जाता है वहीं डेवलपमेंट विभाग ही भ्रष्टाचार के कंठ में डूबा हो तो जांच कितना निष्पक्षता से होगी। नाम न बताने के शर्त पर एक गांव के प्रधान द्वारा बताया गया कि जितनी फाइल पास करवानी होती है सब में ही कमीशन देना पड़ता है आखिर कैसे ग्राम प्रधान कितना अच्छा काम करवाएंगे जब ग्राम सचिव से लेकर एडियो पंचायत , बाबू जेई एमआई से लेकर बड़े अधिकारियों तक की कमीशन पहुंचाने पड़ते हैं आप समझ जाइए कि भ्रष्टाचार की जड़ कितनी गहरी है।
शिकायत का निस्तारण देख शिकायतकर्ता के होश फाख्ता हो गए क्या विधायक संजू देवी के निधी से लगे इंटरलॉकिंग मानक में नहीं बनाया गया। क्या इंटरलॉकिंग के कार्ययोजना में ईट के रोड़े(ईट गिट्टी) नहीं थे। वहीं पर ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत निधि से लगे 600 मीटर खड़ंजे के ईट लगभग 15 से 16 ट्रॉली ईट को जमीन निगल गया कि आसमान आखिर वह ईट गया कहां गया यह बात जनता में आज भी चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्राम प्रधान के भ्रष्टाचार में जांच अधिकारी भी शामिल हुए हैं।ग्राम प्रधान को बचाने के लिए जांच ही गलत कर डाला अगर जांच सही है तो क्या विधायक निधि से लगे इंटरलॉकिंग में बड़ा खेल हुआ मानक में नहीं लगाया गया था। अगर इसकी जांच जिला स्तरीय टीम बनाकर की जाएगी तो शायद बहुत बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा ग्राम पंचायत टड़वा मिश्र में हो सकता हैं एवं ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव का फंसना तय माना जा रहा है।
खड़ंजे के ईट को ग्राम प्रधान ने कहा कहा किया प्रयोग जल्द होगा खुलासा……..
आगे और ग्राम प्रधान के भरष्टाचार की खबर………….





