चार साल से एक ही जगह तैनाती, अब भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे कर्मचारी
अम्बेडकरनगर।
जनपद के विकास खंड जहांगीरगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात एक कंप्यूटर डाटा ऑपरेटर पर लगे गंभीर आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को लेकर मुख्यमंत्री को शिकायत भेजते हुए जांच और तत्काल स्थानांतरण की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता सुरेश, निवासी राजेसुल्तानपुर, ने आरोप लगाया है कि संबंधित कर्मचारी अंजनी कुमार अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कथित निरीक्षण करते हैं और अवैध वसूली जैसी गतिविधियों में संलिप्त हैं। शिकायत के अनुसार, वह पिछले चार वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ता जा रहा है।
आरोप है कि जन्म प्रमाण पत्र जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर कटवाए जाते हैं और अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है, जिससे आम जनता में रोष व्याप्त है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित कर्मचारी खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी या “छोटा डिप्टी CMO” बताकर विभिन्न क्षेत्रों राजेसुल्तानपुर, पदुमपुर, गढ़वल चौराहा, सिंघलपट्टी, साबितपुर, कम्हरिया घाट, देवरिया, गिरैया बाजार और जहांगीरगंज के निजी क्लीनिकों व मेडिकल स्टोरों का कथित निरीक्षण करते हैं।
इस दौरान संचालकों पर दबाव बनाया जाता है कि वे “सिस्टम” में आएं, अन्यथा क्लीनिक सीज कराने की धमकी दी जाती है। आरोप है कि इसी भय का फायदा उठाकर अवैध वसूली की जा रही है। इसके अलावा, आम नागरिकों के साथ अभद्र व्यवहार और अपमानजनक भाषा के प्रयोग के भी आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने CHC में किसी अन्य कंप्यूटर ऑपरेटर की तैनाती की मांग उठाई है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराने, जांच पूरी होने तक संबंधित कर्मचारी को तत्काल हटाने या स्थानांतरित करने तथा दोष सिद्ध होने पर कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उनकी नियुक्ति प्रक्रिया और आउटसोर्सिंग कंपनी की भी जांच कराने की बात कही गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निष्पक्ष जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और स्वास्थ्य विभाग की छवि को धूमिल करने वाली गतिविधियों पर रोक लग सकेगी। फिलहाल, सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।




