अंबेडकरनगर।
विकासखंड बसखारी में सरकारी धन के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सामुदायिक शौचालय के लिए खरीदी गई सामग्री के एक ही बिल पर दो अलग-अलग ग्राम पंचायतों से भुगतान किए जाने का मामला उजागर हुआ है। इस प्रकरण में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) उमा शंकर सिंह और ग्राम पंचायत सचिव राजीव कुमार वर्मा की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 18 मार्च 2025 को अन्नया ट्रेडर्स, सोनगांव (अकबरपुर) से सामग्री की खरीद की गई, जिसका बिल नंबर 181 ग्राम पंचायत बनियानी के नाम पर जारी हुआ था। आरोप है कि इसी बिल वाउचर के आधार पर 9 मई 2025 को ग्राम पंचायत अरूसा आजमपुर के खाते से 2705 रुपये का भुगतान कर दिया गया। इतना ही नहीं, उसी दिन ग्राम पंचायत बनियानी में भी इसी बिल के आधार पर भुगतान निकाल लिया गया।
एक ही बिल पर दो अलग-अलग ग्राम पंचायतों से भुगतान होने की बात सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर एक ग्राम पंचायत का बिल दूसरी पंचायत से कैसे पास हो गया और पंचायत स्तर पर जांच-परख की प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया।
सूत्रों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण की जानकारी संबंधित अधिकारियों को पहले ही दी जा चुकी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) उमा शंकर सिंह की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं, यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि संबंधित फर्म द्वारा पूरा भुगतान अपने पास रखा गया या फिर किसी स्तर पर धन का लेन-देन हुआ है।
फिलहाल, मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल वित्तीय अनियमितता का मामला होगा, बल्कि पंचायत व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार की भी पोल खोल सकता है।




