पुलिस अधीक्षक ने चारों पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड मुकदमा दर्ज करने का आदेश
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।
जनपद में पुलिस की गुंडई का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। रंगड़गंज बाइपास के निकट स्थित ग्राम विजयगांव में चल रहे सेठ-दा-ढाबा नामक शुद्ध शाकाहारी ढाबे पर चार पुलिसकर्मियों ने नशे की हालत में जबरदस्त तांडव मचाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ढाबे के संचालक आलोक रंजन त्रिपाठी अपनी जीविका हेतु उक्त ढाबा संचालित किया है।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि 10 जुलाई 2025 की रात करीब 10:30 बजे चार सिपाही जो पुलिस लाइन से बताए जा रहे हैं एक सफेद अपाची मोटरसाइकिल से नशे की हालत में पहुंचे और फैमिली एसी हॉल में बैठकर गाली-गलौज, मेज पर हाथ पटकने, कुर्सी गिराने और सिगरेट पीने लगे।
आरोप है जब ढाबा संचालक ने हाथ जोड़कर विनम्रता से समझाया कि इस तरह का आचरण न करें, तो सिपाही मंजीत सिंह, मोन्टी और दो अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ गालियां दीं, बल्कि आलोक रंजन को पकड़कर मारने-पीटने लगे। मारपीट के दौरान उनका शर्ट भी फाड़ डाला गया। पीड़ित के अनुसार शरीर पर लात-घूंसे और मुक्कों से गंभीर चोटें आईं हैं।
पीड़ित ने 112 नंबर पर फोन कर मदद मांगी और जब उन्होंने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की बात कही, तो पुलिसकर्मियों ने कहा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, तुम्हारा ढाबा बंद करा देंगे और तुम्हें बर्बाद कर देंगे। हम पुलिसवाले हैं, जान से मार डालेंगे। ढाबे के भीतर की पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है।
पीड़ित ने मांग की है कि घटना में शामिल चारों पुलिसकर्मियों की तत्काल जांच कर उन पर एफआईआर दर्ज की जाए और कड़ी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसे घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेते हुए चारों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करते हुए फिर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह मामला न केवल पुलिस की साख पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कानून के रक्षक ही अगर डर और अराजकता फैलाएं तो आमजन कहां जाएंगे।





