ग्रामीण बोले— “काम नहीं, फिर भी 59 मजदूरों की हाजिरी!”
बस्ती। परसरामपुर ब्लाक के ग्राम पंचायत भटिनिया में मनरेगा कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए कहा कि पंचायत में एक दिसंबर तक दो विकास कार्यों का मास्टर रोल पूरा दिखा दिया गया है, जबकि जमीन पर कोई भी कार्य शुरू ही नहीं हुआ है।
बताया जा रहा है कि जिन दो कार्यों पर मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई है, उनमें—(क) रंगी लाल के खेत से तालाब तक मिट्टी पटाई कार्य (ख) पप्पू चौबे के खेत से मोहम्मदपुर पक्की सड़क तक मिट्टी पटाई कार्य इन दोनों कार्य स्थलों पर कुल 59 मजदूरों की हाजिरी कागजों में दर्ज दिखाई गई है। जमीन पर कोई काम नहीं, किसानों के खेत में फसल खड़ी मीडिया टीम के निरीक्षण में ग्रामीणों ने बताया कि कार्यस्थलों पर न तो निर्माण कार्य शुरू हुआ है और न ही मजदूर दिखाई दिए। खेतों में बुवाई पूरी हो चुकी है, जिससे स्पष्ट होता है कि कागजों में ही कार्य दर्शाकर मनरेगा धन की बंदरबांट की तैयारी चल रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि डिस्प्ले बोर्ड तक नहीं लगाए गए, जिससे पारदर्शिता संदिग्ध नजर आती है। उनका कहना है कि— “काम कराए बिना हाजिरी लगाना गरीबों की मजदूरी हड़पने जैसा है। मनरेगा को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा रहा है।” जवाबदेही पर सवाल, अधिकारी फोन पर उपलब्ध नहीं हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधान, सचिव, टीए, रोजगार सेवक व मेट की मिलीभगत से यह खेल किया जा रहा है।
इस संबंध में खण्ड विकास अधिकारी परसरामपुर विनोद कुमार सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
मुख्य विकास अधिकारी की कार्रवाई पर निगाहें
ग्रामीणों ने कहा कि यदि जिम्मेदार अधिकारी कड़ी कार्रवाई न करें तो शासन-प्रशासन पर से आम जनता का भरोसा उठना स्वाभाविक है। अब देखना यह होगा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने वाले मुख्य विकास अधिकारी इस प्रकरण में क्या कदम उठाते हैं।





