6 दिसंबर को बहराइच कूच करेंगे हिन्दू संगठन, नाम परिवर्तन व ऐतिहासिक प्रश्नों पर उठेगी आवाज

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हजारों कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना, प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की

बस्ती। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल ने 6 दिसंबर को बहराइच कूच करने की औपचारिक घोषणा की है। दोनों संगठनों ने बताया कि यह यात्रा बस्ती से बड़े जनसमूह के साथ रवाना होगी, जिसके बहराइच पहुंचने पर प्रमुख मुद्दों को लेकर प्रदर्शन व ज्ञापन कार्यक्रम प्रस्तावित है। आयोजकों का दावा है कि बस्ती सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों कार्यकर्ता एकत्र होकर इसमें शामिल होंगे।

संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक उनका मुख्य उद्देश्य राजा सुहेलदेव से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियों को सम्मान दिलाना और बहराइच जिले के नाम परिवर्तन की मांग को प्रशासन व सरकार के सामने व्यवस्थित, संविधानसम्मत रूप से प्रस्तुत करना है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि इतिहास में वर्णित योगदान को उचित पहचान मिलनी चाहिए तथा जनपद का नामकरण राष्ट्रीय नायकों की विरासत के अनुरूप करने पर गंभीर विचार होना चाहिए।

उन्होंने यह भी जाहिर किया कि बहराइच में स्थित ऐतिहासिक-धार्मिक संदर्भित स्थलों एवं उनसे जुड़े विवादों पर चर्चा, संवाद और समाधान का मार्ग लोकतांत्रिक तरीकों से खोजा जाना चाहिए। संगठन के कुछ सदस्यों द्वारा व्यक्त किए गए विचारों में संबंधित स्थलों की ऐतिहासिक समीक्षा की मांग शामिल है, जिसे लेकर वे जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।

यात्रा के संदर्भ में सुरक्षा व व्यवस्था को लेकर भी जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सक्रिय मोड में दिखाई दे रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 6 दिसंबर के दिन कानून व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहेगी तथा किसी भी स्थिति में शांति, सहिष्णुता व सामाजिक सौहार्द को भंग नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि संगठन अपनी बात रख सकता है, परंतु सभी मांगें और मुद्दे कानूनी प्रक्रिया, संवाद और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सीमाओं में होने चाहिए।

इस बीच बस्ती जनपद में राजनीतिक एवं सामाजिक हलचल तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यह प्रदर्शन प्रदेश में ऐतिहासिक पहचान, धार्मिक आस्थाओं और नाम परिवर्तन से जुड़े व्यापक विमर्श को गति दे सकता है। जनसामान्य की प्रतिक्रिया मिश्रित दिखाई दे रही है — एक वर्ग इसे सांस्कृतिक अस्मिता का प्रश्न मान रहा है, वहीं दूसरा वर्ग प्रशासनिक प्रक्रिया और शांति बनाए रखने के महत्व पर जोर दे रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल ने कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों से अपील जारी करते हुए कहा है कि सभी प्रतिभागी अनुशासन के साथ यात्रा में शामिल हों, किसी भी प्रकार की उग्रता या भड़काऊ बयानबाजी से बचें और अपनी बात लोकतांत्रिक स्थिति में मजबूती से रखें।

बहराइच की ओर बढ़ रही यह रैली निश्चय ही प्रदेश की राजनीतिक-सामाजिक हलचलों में उल्लेखनीय स्थान बनाएगी। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संगठन की यह पहल स्थानीय प्रशासन, सरकार और सामाजिक विमर्श के स्तर पर कितनी प्रभावशाली सिद्ध होती है।


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