अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। जहांगीरगंज क्षेत्र स्थित साक्षी डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच को लेकर नया विवाद सामने आया है। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत के निस्तारण के बाद सार्वजनिक हुए दस्तावेजों और तस्वीरों ने जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायत की जांच डॉ. कमलेश चौधरी एवं फार्मासिस्ट सच्चिदानंद द्वारा की गई थी। जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि निरीक्षण के दौरान केंद्र पर कोई मरीज मौजूद नहीं था तथा केवल प्रदीप कुमार और मंगला पाण्डेय ही मौके पर पाए गए थे। रिपोर्ट में किसी अन्य व्यक्ति की उपस्थिति का जिक्र नहीं किया गया है।
हालांकि, शिकायत के निस्तारण के साथ संलग्न तस्वीरों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। एक तस्वीर में लगे आईने में एक महिला की आकृति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि निरीक्षण के समय मौके पर केवल दो कर्मचारी ही मौजूद थे, तो तस्वीर में दिखाई देने वाली महिला कौन थी? इस विरोधाभास ने जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच के दौरान सभी तथ्यों का समुचित परीक्षण नहीं किया गया और मामले का निस्तारण जल्दबाजी में कर दिया गया। उनका कहना है कि उपलब्ध तस्वीरें स्वयं जांच रिपोर्ट और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर की ओर संकेत कर रही हैं।
मामले का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि निरीक्षण रिपोर्ट में अल्ट्रासाउंड रजिस्टर, फॉर्म-एफ, मरीज रजिस्टर, चिकित्सक की उपस्थिति पंजिका तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच का स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता। ऐसे में यह प्रश्न भी उठ रहा है कि शिकायत का अंतिम निस्तारण किन आधारों पर किया गया।
इस संबंध में दोबारा फीडबैक लेने वाले संबंधित अधिकारी से वार्ता करने पर उन्होंने जांच में कुछ विसंगतियां पाए जाने की बात स्वीकार की। साथ ही बताया कि मामले की विस्तृत जांच उपजिलाधिकारी स्तर से कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए निरीक्षण दिवस का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर उसकी जांच कराई जानी चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि निरीक्षण के समय केंद्र पर वास्तव में कौन-कौन मौजूद था और जांच रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों की वास्तविक स्थिति क्या थी।
अब पूरे मामले में लोगों की निगाहें प्रस्तावित एसडीएम जांच पर टिकी हैं, जिससे प्रकरण की सच्चाई सामने आने और उठ रहे सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। साक्षी डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच पर उठे गंभीर सवाल यह मामला अब प्रशासनिक जांच की पारदर्शिता की कसौटी बनता नजर आ रहा है।




