अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर( प्रमोद कुमार वर्मा)। जिले के बरधाभिरा गांव में 13 वर्षीय किशोरी की इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के अगले ही दिन अकबरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (एमओआईसी) डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर बीके मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। मामले की जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, बरधाभिरा गांव निवासी जितेंद्र की 13 वर्षीय पुत्री गरिमा को सोमवार सुबह पेट दर्द की शिकायत हुई थी। परिजन उसे इलाज के लिए बीके मेडिकल स्टोर परिसर में संचालित एक कथित क्लिनिक पर ले गए। आरोप है कि वहां मौजूद डॉ. बृजेंद्र (विजेंद्र) ने किशोरी को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही देर बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई।
स्थिति गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां सुबह करीब 10 बजे चिकित्सकों ने जांच के बाद गरिमा को मृत घोषित कर दिया। किशोरी की मौत से परिवार में मातम छा गया और परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध रूप से क्लिनिक संचालित किया जा रहा था, जहां बिना आवश्यक अनुमति और मानकों के मरीजों का उपचार किया जाता था। उनका कहना है कि यदि समय रहते ऐसे केंद्रों पर कार्रवाई होती तो उनकी बेटी की जान बच सकती थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। मंगलवार को एमओआईसी डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में टीम ने मौके का निरीक्षण किया और बीके मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। बगल में ही मेडिकल स्टोर संचालक के द्वारा एक क्लीनिक का भी संचालन किया जा रहा है उसको भी सील किया गया है।विभागीय अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित अभिलेखों की भी जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि संचालन में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल स्टोरों की आड़ में संचालित कथित अवैध क्लिनिकों और अप्रमाणित चिकित्सा सेवाओं पर प्रभावी निगरानी की आवश्यकता को उजागर करती है।




