मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। तहसील भीटी में तालाब पट्टा आवंटन को लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि एक वैध पट्टाधारक के नाम आवंटित तालाब को पट्टे की अवधि समाप्त होने से पहले ही दूसरे व्यक्ति के नाम आवंटित कर दिया गया। मामले को लेकर पीड़ित ने जिलाधिकारी समेत मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
दुल्लापुर निवासी पांचूराम पुत्र अंगनू के अनुसार वर्ष 2021 में हुई नीलामी प्रक्रिया के तहत उन्होंने 20 हजार रुपये जमा कर 10 वर्ष की अवधि के लिए तालाब का पट्टा प्राप्त किया था। तब से वह तालाब में मत्स्य पालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनका आरोप है कि 11 फरवरी 2026 को बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उक्त तालाब का पट्टा दुर्गा प्रसाद पुत्र जोरई के नाम आवंटित कर दिया गया।
पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में तहसील के संबंधित कर्मचारी से जानकारी मांगी तो इसे मानवीय त्रुटि बताया गया। हालांकि, सवाल यह उठ रहा है कि यदि यह त्रुटि थी तो अब तक विवादित आवंटन को निरस्त कर पूर्व स्थिति बहाल क्यों नहीं की गई।
पांचूराम का आरोप है कि वैध पट्टा अवधि के दौरान बिना नोटिस और बिना किसी विधिक प्रक्रिया का पालन किए आवंटन बदलना नियमों के विपरीत है। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
पीड़ित ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत की गई थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। वहीं, पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल मामले में तहसील प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।




