अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर । प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षक एवं पर्यावरण जागरूकता के प्रेरक डॉ. तारकेश्वर मिश्र ‘जिज्ञासु’ ने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को जीवित रखना और उनका नियमित संरक्षण करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है ।
उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण प्रदूषण, बढ़ते तापमान और घटते वन क्षेत्र जैसी चुनौतियों का प्रभाव पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है । ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक को पेड़ लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए । डॉ. जिज्ञासु ने कहा कि एक विकसित पेड़ वर्षों तक हमें शुद्ध वायु, छाया, वर्षा संतुलन, जैव विविधता का संरक्षण तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण प्रदान करता है ।
यदि लगाए गए पौधे कुछ ही दिनों में सूख जाएं, तो पौधारोपण अभियान का उद्देश्य अधूरा रह जाता है । इसलिए प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधे को पेड़ बनने तक संरक्षित करने का संकल्प लें । उन्होंने विद्यालयों, सामाजिक संगठनों तथा युवाओं से अपील की कि वे केवल औपचारिक पौधारोपण तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित सिंचाई, सुरक्षा, ट्री-गार्ड की व्यवस्था तथा समय-समय पर पौधों की देखरेख सुनिश्चित करें ।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवनभर निभाई जाने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है । अंत में डॉ. तारकेश्वर मिश्र ‘जिज्ञासु’ ने समाज से आह्वान किया कि “पेड़ लगाइए जरूर, मगर पेड़ बचाइए” का संदेश जन-जन तक पहुंचाकर धरती को हरित, स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें। यही आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी और सच्ची सेवा होगी।




