महामाया मेडिकल कॉलेज अम्बेडकरनगर : प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव के नेतृत्व और डॉ. उमेश वर्मा की पहल से स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल क्रांति, मरीजों को मिली नई सुविधा

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अवधी खबर संवाददाता

अम्बेडकरनगर। महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज, सद्दरपुर आज न सिर्फ जिले बल्कि पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान गढ़ रहा है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव के कुशल मार्गदर्शन और उप प्राचार्य, प्रभारी अधिष्ठान व कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश कुमार वर्मा की अथक मेहनत से यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार नई ऊँचाइयों को छू रहा है। साधारण किसान परिवार से निकलकर चिकित्सा जगत में प्रतिष्ठा अर्जित करने वाले डॉ. वर्मा की संघर्षपूर्ण यात्रा आज छात्रों और युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

प्राथमिक शिक्षा गाँव में पूरी करने के बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक, प्रयागराज के एम.एल.एन. मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और आगरा के एस.एन. मेडिकल कॉलेज से एमडी की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में सीनियर मेडिकल ऑफिसर रहते हुए पोलियो उन्मूलन अभियान में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया और कानपुर, कन्नौज, बरेली समेत कई जिलों में पल्स पोलियो महाअभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया। 2010 में प्राध्यापक नियुक्त होने और 2012 में अम्बेडकरनगर स्थानांतरण के बाद से वे कॉलेज की दिशा और दशा सुधारने में निरंतर सक्रिय हैं।

कोविड महामारी के दौरान वे कॉलेज के कोविड प्रभारी के रूप में कार्यरत रहे और ऐरा मेडिकल कॉलेज लखनऊ में OSD कोविड तथा अयोध्या, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर जैसे मेडिकल कॉलेजों में नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी निभाते हुए अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया। अब उनकी पहल और डॉक्टर विवेक श्रीवास्तव के सहयोग से कॉलेज प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यहाँ मरीजों की आभा (Ayushman Bharat Health Account) आईडी बनाई और अपलोड कराई जा रही है, जिससे मरीजों का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा और किसी भी डॉक्टर के लिए मरीज का इलाज इतिहास, जांच रिपोर्ट और दवाओं की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी। इस व्यवस्था से मरीजों को अब फाइलें और पर्चे लेकर इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।

मरीजों की सुविधा को देखते हुए सीएमएस डॉ. अमित कुमार पटेल की देखरेख में कॉलेज प्रशासन ने हेल्प डेस्क भी बनाया है, जहाँ कर्मचारियों द्वारा कम पढ़े-लिखे और डिजिटल प्रक्रिया से अनजान मरीजों को आभा आईडी बनाने व अपलोड करने में मदद की जाती है और उन्हें इसके लाभों की जानकारी विस्तार से दी जाती है। प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव ने इस व्यवस्था पर विशेष बल देते हुए अपने स्टाफ और डॉक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी मरीज या कॉलेज में पढ़ रहे छात्र को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यही कारण है कि उनके कुशल नेतृत्व और सकारात्मक दृष्टिकोण के चलते आज मेडिकल कॉलेज में लगातार नई-नई योजनाएँ और नवाचार लागू हो रहे हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में भी डॉ. वर्मा ने कॉलेज में पीजी कोर्स (एमडी – 5 सीटें) शुरू कराकर छात्रों को उच्च शिक्षा के नए अवसर प्रदान किए हैं। आज महामाया मेडिकल कॉलेज अम्बेडकरनगर प्रदेश के उन चुनिंदा संस्थानों में शुमार होता जा रहा है जहाँ न केवल गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा दी जा रही है बल्कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और आभा आईडी जैसी योजनाओं के माध्यम से मरीजों को पारदर्शी, सुगम और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। पत्रकारों से बातचीत में डॉ. उमेश वर्मा ने कहा कि “मरीज और उनके परिजन हमारी पहली प्राथमिकता हैं। आभा आईडी और हेल्प डेस्क व्यवस्था से उन्हें अधिक सुविधा और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवा मिलेगी और यह बदलाव पूरे जिले के लिए ऐतिहासिक साबित होगा।”


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