अधिकारी के जांच एवं करवाई के लिए जारी पत्र से नहीं संतुष्ट हैं कार्रवाई करने वाले सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन सहकारिता (ए आर कोऑपरेटिव)
पीओएस मशीन में 81 बोरा यूरिया व 73 बोरा डीएपी जांच के दौरान शेष बचा हुआ था जबकि गोदाम का भौतिक जांच किया गया तो 73 बोरी डीएपी की सापेक्ष 85 बोरी डीएपी व 81 बोरा यूरिया के सापेक्ष 588 बोरी यूरिया गोदाम में उपलब्ध पाया गया इसके बाद भी बचाव में जुटे हैं जिम्मेदार।
अंबेडकरनगर। बी- पैक्स प्रतापपुर चमुर्खा के सचिव दुर्गा पांडेय के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल व प्रधानमंत्री पोर्टल व अन्य माध्यम से खाद वितरण को लेकर मिल रही लगातार शिकायत के क्रम में जिला कृषि अधिकारी के द्वारा 28 जुलाई को जांच किया गया तो पीओएस(POS) मशीन व गोदाम के भौतिक जांच में स्टॉक को लेकर भारी अनियमितता सामने आई थी। पीओएस मशीन में 81 बोरा यूरिया व 73 बोरा डीएपी जांच के दौरान शेष बचा हुआ था जबकि गोदाम का भौतिक जांच किया गया तो 73 बोरी डीएपी की सापेक्ष 85 बोरी डीएपी व 81 बोरा यूरिया के सापेक्ष 588 बोरी यूरिया गोदाम में उपलब्ध पाया गया था। वहीं दूसरी तरफ जब जिला कृषि अधिकारी ने वितरण रजिस्टर में दर्ज किसानो से संपर्क किया तो किसान ओमप्रकाश के द्वारा बताया गया कि हम एक बोरी डीएपी लिए हैं जबकि उनके नाम से एक बोरा डीएपी व चार बोरा यूरिया अतिरिक्त खारिज किया गया था।
वहीं दूसरी तरफ किसान रणधीर के द्वारा बताया गया कि एक बोरा डीएपी लिए हैं जबकि पीओएस मशीन में दो बोरा डीएपी व तीन बोरा यूरिया अतिरिक्त खारिज किया गया था जो जांच के दौरान वितरण रजिस्टर में दर्ज किसान से वार्ता करने पर स्पष्ट हुआ था।
इतनी भारी अनियमितता मिलने के बाद जिला कृषि अधिकारी के द्वारा समिति का खाद लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। संबंधित सचिव को दो बार कारण बताओं नोटिस जारी किया गया लेकिन कोई स्पष्ट जवाब न मिलने के बाद सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को जिला कृषि अधिकारी के द्वारा पत्र जारी कर सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसी दौरान किसान हित को देखते हुए 4 अगस्त को समिति का लाइसेंस दोबारा बहाल कर दिया गया।
उधर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता के द्वारा कोई कार्रवाई सचिव के खिलाफ न करते हुए लाइसेंस बहाल होने पर पुनः खाद वितरण के लिए उसी सचिव को जिम्मेदारी सौंपी गई। साहब का साथ मिलते ही सचिव के द्वारा भ्रष्टाचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई रात करीब 8 बजे तक खाद बांटने का मामला सामने आया। जिसमे एक प्राइवेट कर्मचारी को ऑफिस में बैठा कर उसके माध्यम से खाद का वितरण किया जा रहा था। जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद हड़कंप मच गया। इतना ही नहीं किसानों से 266.50 पैसे के एवज में 270 से 280 रुपए के साथ 5 रुपए पल्लेदारी के नाम पर किसानों से वसूला गया। जिसमें कई किसानों का बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसके बाद जिला कृषि अधिकारी के द्वारा पुनः एक पत्र सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को जारी करते हुए सचिव के खिलाफ एफआईआर एवं अन्य कार्रवाई करने का निर्देश दिया लेकिन आज तक कोई कार्रवाई उस पर नहीं की गई न ही उस पत्र को अभी तक अमल में नही लाया गया। बल्कि जिला कृषि अधिकारी के द्वारा किए गए जांच व पीओएस मशीन व गोदाम में मिले अतिरिक्त बोरी खाद के बाद भी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन सहकारिता के द्वारा अपनी तरफ से एक अलग से जांच टीम सचिव को बचाने के लिए गठित की गई है। ताकि उनका चहेते सचिव का बचाव हो सके। सूत्रों का यह भी दावा है कि किसानों के नाम अतिरिक्त खारिज किए गए खाद को सचिव के द्वारा रात में प्राइवेट दुकानदार के हाथों में मोटी रकम में बेच देता था जहां से उसे अतिरिक्त पैसा मिलता था इस पैसे को ऊपर तक पहुंचाता था। तभी यह विभाग का चहेता बना हुआ है इतना ही नहीं इस चाहते सचिव को तीन समितियां का चार्ज दिया गया है। बसखारी की सिंहपुर समिति तो मूल समिति से करीब 50 किलोमीटर दूर है वहां का भी चार्ज सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता के द्वारा दिया गया है। सचिव के द्वारा यह खेल भी सिंहपुर समिति पर किया जाता होगा ऐसा सूत्रों का दावा है जब इन समितियां पर किसानो के नाम पर अतिरिक्त खाद को खारिज कर दिया जाता और रात को प्राइवेट दुकानदारों को बेचकर कालेबाजारी की जाती है तो वहां भी यह संभव है। आखिर क्या कारण रहा कि सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता (ए आर कोऑपरेटिव) राघवेंद्र शुक्ला को 50 किलोमीटर दूर की समिति का चार्ज दुर्गा पांडेय को दिया गया क्या वहां के नजदीक कोई सचिव नहीं थे जिन्हें उस समिति का चार्ज दिया जा सकता था यह सब सवाल सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा हैं। बसखारी के सिंहपुर समिति में किसी अपने रिश्तेदार की नियुक्ति के लिए दुर्गा पांडेय के द्वारा चार्ज लिया गया है जो जानकारी मिल रही है।
सूत्र यह भी बताते हैं कि बी- पैक्स प्रतापपुर चमुर्खा में स्टॉक और पीओएस मशीन में मिली भारी अनियमितता का एक कारण और है आने वाले दूसरी रैक की खाद और अपने गोदाम की खाद की बोरी का मिलान कर अतिरिक्त खारिज किए गए खाद को आधे रास्ते में ही प्राइवेट दुकान पर मोटी रकम में भेज देता है। जिसका चढ़ा विभाग को भी जाता है।
समिति पर भांजे की नियुक्ति की भी खबर आगे अगले अंक में कैसे की गई………





