अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर।
आजादी के 77 वर्ष बीत जाने के बाद भी भीटी तहसील के विकास का सपना अधूरा ही है। तहसील मुख्यालय होने के बावजूद यहां शिक्षा, सड़क और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव साफ झलकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अब तक भीटी में सीबीएसई बोर्ड का एक भी सरकारी इंटर कॉलेज नहीं खुल सका, जिसके कारण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए जिले या अन्य जनपदों का रुख करना पड़ता है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
यातायात व्यवस्था की स्थिति भी बदहाल है। भीटी चौराहे से हैदरगंज जाने वाले मार्ग का चौड़ीकरण वर्षों से अधर में लटका है, जिसके चलते आए दिन जाम और हादसों की स्थिति बनती रहती है। इसके अलावा तहसील मुख्यालय होते हुए भी यहां रोडवेज बस स्टैंड का अभाव है। स्थिति यह है कि भीटी से होकर रोडवेज बसों का संचालन तक नहीं होता, जिससे यात्रियों को निजी वाहनों और महंगे साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
जनता का आरोप है कि यह सब स्थानीय जनप्रतिनिधियों की विफलता का परिणाम है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जीत के बाद विकास योजनाएं ठंडे बस्ते में डाल दी जाती हैं।
नागरिकों ने शासन-प्रशासन और प्रतिनिधियों से मांग की है कि जल्द से जल्द भीटी में सीबीएसई बोर्ड का सरकारी विद्यालय खोला जाए, हैदरगंज मार्ग का चौड़ीकरण कराया जाए, रोडवेज बस स्टैंड की स्थापना हो और भीटी से होकर बसों का संचालन शुरू किया जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके।





