महाराष्ट्र और अवध वासियों का उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
अवधी खबर संवाददाता
अयोध्या। तीर्थ क्षेत्र पुरम में गुरुवार से चल रही ग्रंथराज श्री ज्ञानेश्वरी कथा आज भक्ति और श्रद्धा के अद्भुत वातावरण में संपन्न हुआ। यह महोत्सव अज्ञानता से ज्ञान की ओर ले जाने का संदेश बनकर उभरा
श्रद्धालुओं का भव्य संगम
तुंगेश्वर पर्वत, महाराष्ट्र से आए बाल योगी संत श्री सदानंद महाराज ने हजारों श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया। उनके सानिध्य में अखंड पारायण और हरिनाम संकीर्तन ने हर हृदय को छू लिया।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
डॉ. ज्योति दीपक ठाकरे ने बताया कि न, म और अन्य सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की गई। आयोजन का संचालन बाल योगी श्री सदानंद महाराज ज्ञानेश्वरी पारायण समिति, अखिल वारकरी समाज महाराष्ट्र एवं परशुराम कुंड तुंगेश्वर पर्वत के संयुक्त तत्वावधान में हुआ
भक्ति और प्रवचन
महोत्सव में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर प्रवचन गोविंद देव गिरी महाराज, और शांति ब्रह्म संत एकनाथ महाराज कृत भावार्थ रामायण का वर्णन श्री योगी महाराज गोसिवी ने किया।
सम्मान और सेवा
महंत बालक राम दास जी, महामंडलेश्वर श्री गिरीश दास जी, महंत श्री भगवान दास जी, मणिराम दास छावनी, महंत दयाराम दास जी, रामकुमार दास जी, और वेदपाठी छात्राओं का महाराष्ट्र से आए भक्तों ने व आयोजकों ने पट व भेंट देकर हृदयपूर्वक सम्मान किया।
समाजसेवी डॉ. सी. एच. दुबे ने पूरे आयोजन में डॉक्टर सेवा उपलब्ध कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की तथा प्रत्येक दिवस अपने तन मन धन से प्रस्तुत होकर आए हुए श्रद्धालुओं की सेवा में लग रहे संपर्क प्रमुख महेंद्र तिवारी ने व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई साथ ही हर एक व्यवस्थाओं को अपनी नजरों में रक्खा अयोध्या में यह महोत्सव केवल कथा और भक्ति का केंद्र नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा और संगठित भक्ति का जीवंत संदेश बनकर उभरा।



