अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर।
शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय वापसी को लेकर जारी शासनादेश के एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इससे जिले के शिक्षामित्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शिक्षामित्र लंबे समय से अपने मूल विद्यालयों में वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
बताया जा रहा है कि अल्प मानदेय पर कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में पढ़ाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। दूरी अधिक होने के कारण उनका काफी पैसा आने-जाने के किराये में ही खर्च हो जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में शिक्षामित्र शिक्षक संघ अम्बेडकरनगर के जिलाध्यक्ष एवं शिक्षामित्र केयर समिति के जिला संयोजक राम चन्दर मौर्य ने शासन और प्रशासन से मूल विद्यालय वापसी स्थानांतरण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शासनादेश जारी होने के बाद भी वर्षों तक प्रक्रिया लंबित रहने से शिक्षामित्रों में भारी नाराजगी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शासन की अनदेखी के कारण शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय वापसी का मामला अब तक अधर में लटका हुआ है। संघ ने मांग की है कि शिक्षामित्रों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।





