अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। किशोरियों और महिलाओं के सशक्तिकरण तथा सामाजिक मुद्दों पर उनकी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से शहजादपुर स्थित एक पैलेस में एक दिवसीय किशोरी मेला खेलबदल: पितृसत्ता को पहचानो, समझो और तोड़ो’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अकबरपुर विकासखंड के ताराखुर्द और चंदनपुर न्याय पंचायत के आठ ग्राम पंचायतों के 21 मजरों से 140 से अधिक किशोरियों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में किशोरियों को आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन को संबोधित करते हुए सी.सी. गायत्री ने कहा कि किशोरी मेला का उद्देश्य किशोरियों के भीतर आत्मविश्वास और रचनात्मकता को बढ़ाना है। यह मंच शिक्षा, माहवारी स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा करने के साथ-साथ ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे संदेशों को मजबूत करता है।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रीति सिंह और महिला थाना अकबरपुर की उपनिरीक्षक दीपिका ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर जौनपुर की वीमेन एक्टिविस्ट मुन्नी बेगम तथा बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रामनाइक वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मेले के दौरान किशोरियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, सम्मान और मानवाधिकार से जुड़े सामाजिक गीतों और नृत्यों की प्रस्तुति दी। साथ ही कबड्डी और साइमन सेज जैसे खेलों के माध्यम से मनोरंजन और जागरूकता का संदेश दिया गया।
मुख्य अतिथि प्रीति सिंह ने बालिकाओं को शिक्षा के प्रति सजग रहने और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को सरकारी योजनाओं से जुड़कर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। वहीं महिला पुलिस उपनिरीक्षक दीपिका ने बालिकाओं की सुरक्षा पर जोर देते हुए विभिन्न टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी और आत्मरक्षा के मूल मंत्र भी बताए।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रामनाइक वर्मा ने कहा कि बच्चों की देखभाल, संरक्षण, उपचार, विकास और पुनर्वास सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है तथा उनके मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सभी को सजग रहना चाहिए।
सोशल एक्टिविस्ट मनोज कुमार ने बताया कि किशोरी मेला एक ऐसा सुरक्षित मंच है, जहां किशोरियां स्वास्थ्य, गरिमा, आत्मविश्वास और शिक्षा के महत्व को समझती हैं और अपने विचार खुलकर व्यक्त करती हैं।
कार्यक्रम के सत्रों का संचालन श्रीमती निरकला धीरेन्द्र और छोटेलाल ने किया। आयोजन को सफल बनाने में जन विकास केंद्र भितरीडीह की शकुंतला यादव, अनुपम यादव, आकांक्षा, गुलशनबानो, कुसुम, शकुंतला विश्वकर्मा, चांदनी, महिमा, निधि प्रजापति, शकीना, पूजा पांडेय, वंदना, अंजली सहित कई कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




