अवधी खबर संवाददाता
बसखारी (अम्बेडकर नगर)। विकासखंड बसखारी के ग्राम सभा केवटला स्थित केवटला मठ से जुड़े परिवार रजिस्टर नकल प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव अशोक राजभर व मठ के पुजारी मनीष यादव के विरुद्ध दर्ज मुकदमे को लेकर उठे विवाद के बीच अब प्रशासन का रुख बदलता नजर आ रहा है।
मनीष यादव को निर्दोष बताते हुए 50 से अधिक ग्रामीणों का समूह क्षेत्राधिकारी (सीओ) टांडा कार्यालय पहुंचा और अपना पक्ष रखा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना समुचित जांच के निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है।
क्षेत्राधिकारी टांडा ने ग्रामीणों की बात गंभीरता से सुनते हुए स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और गहन जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुजारी मनीष यादव व ग्राम पंचायत सचिव अशोक राजभर की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। साथ ही यह भी बताया कि मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में है।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान अब संदेह की सुई पूर्व ग्राम पंचायत सचिव अंकुर शर्मा की ओर घूमती दिखाई दे रही है। हस्ताक्षर मिलान की प्रक्रिया में कुछ विसंगतियां सामने आई हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
इसी बीच ग्रामीणों ने मठ की जमीन के कथित विक्रय का मुद्दा भी उठाया। इस पर क्षेत्राधिकारी ने कहा कि यदि ऐसा पाया गया तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मठ के लिए ट्रस्ट गठन की प्रक्रिया शुरू कर उसे संरक्षित करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हरिशंकर दास उर्फ बुलबुली बाबा का नाम एक से अधिक जनपदों के परिवार रजिस्टर में दर्ज है। इस पर क्षेत्राधिकारी ने ग्रामीणों से लिखित शिकायत मांगी है। शिकायत प्राप्त होने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
केवटला मठ प्रकरण अब बहुआयामी रूप ले चुका है, जिसमें परिवार रजिस्टर, भूमि विवाद एवं प्रशासनिक प्रक्रिया सभी पहलू जांच के दायरे में हैं। प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बीच अब सभी की निगाहें आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।


