अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर (प्रमोद वर्मा)।अकबरपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत
कनक पट्टी गांव निवासी सफाई कर्मचारी से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने जिले की सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अकबरपुर तहसील क्षेत्र के श्रावण क्षेत्र पहितीपुर मार्ग स्थित माधवपुर शराब ठेके के पास मजिस्ट्रेट लिखी चार पहिया वाहन का कथित दुरुपयोग करते हुए कर्मचारी का वीडियो वायरल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि अखिलेश नामक युवक, जो सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात है, सरकारी गाड़ी लेकर क्षेत्र में रौब झाड़ता फिर रहा है। आरोप है कि वह इसी वाहन से अक्सर शराब ठेके पर पहुंचकर खुलेआम शराब का सेवन करता है और खुद को किसी अधिकारी से कम नहीं दिखाता।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस कर्मचारी की जिम्मेदारी गांव में साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखना है, वह अगर दिनभर सरकारी गाड़ी लेकर घूमता रहेगा तो गांव की सफाई आखिर किसके भरोसे चल रही है? स्थानीय लोग भी इस पर नाराजगी जता रहे हैं कि सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
इतना ही नहीं, नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों के अनुसार उक्त गाड़ी में लगा हूटर भी अक्सर घर जाते समय बजाया जाता है, जिससे लोगों में भ्रम और असहजता की स्थिति पैदा होती है। हूटर की आवाज से ऐसा प्रतीत होता है मानो कोई उच्च अधिकारी क्षेत्र में मौजूद हो, जबकि हकीकत कुछ और ही है।
सूत्रों के मुताबिक, यह वाहन कलेक्ट्रेट के नाजिर विभाग से जुड़ा बताया जा रहा है और सफाई कर्मचारी इसका निजी उपयोग भी कर रहा है।
यहां तक कि घर आने-जाने और अन्य कार्यों में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि इस गाड़ी के ईंधन और रखरखाव का खर्च आखिर कहां से आ रहा है? चार पहिया वाहन के साथ कई बार उसे शराब ठेके पर बैठकर शराब पीते भी देखा गया है, जिससे क्षेत्र में गलत संदेश जा रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ चुका है, लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में यह पूरा प्रकरण प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सफाई कर्मचारी के संबंध में जब डीपीआरओ से वार्ता करने का प्रयास किया गया तो सरकारी नंबर पर इनकमिंग कॉल ही बंद बताया।
वही जब इस संबंध में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से जानकारी हासिल करने के लिए टेलिफोनिक वार्ता का प्रयास किया गया तो वार्ता नहीं हो पाई।


