अवधी खबर संवाददाता
अयोध्या।रामनगरी अयोध्या में कथित जमीन घोटाले का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये की जमीन का एग्रीमेंट कराने के आरोपों को लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट के आदेश पर थाना कोतवाली नगर में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण में उमाशंकर दास निवासी बेलवा खुर्द बस्ती, गौरीशंकर दास निवासी बेलवा खुर्द बस्ती, शिवम गुप्ता उर्फ राधे भोजनालय निवासी नया घाट तथा कुंदन अवस्थी निवासी लक्ष्मण घाट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
आरोप है कि सुनियोजित तरीके से फर्जी कागजात तैयार कर जमीन का कथित फर्जी एग्रीमेंट कराया गया और करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की गई।बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से अधिवक्ता भूपेंद्र प्रताप सिंह ने अदालत में मामले को मजबूती से रखा। कोर्ट में प्रस्तुत दस्तावेजों और तथ्यों को गंभीर मानते हुए सीजेएम कोर्ट ने पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए।
मामले में नया घाट स्थित राधे भोजनालय से जुड़े नाम सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि क्या यह केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित मामला है या फिर इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।उधर, कोर्ट के आदेश के बाद कोतवाली नगर पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
पुलिस अब दस्तावेजों की सत्यता, एग्रीमेंट की प्रक्रिया और आरोपियों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही है। सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान कई और नाम सामने आ सकते हैं।रामनगरी में जमीन से जुड़े इस कथित फर्जीवाड़े ने कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आने वाले खुलासों पर टिकी हुई है।



