अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा को टक्कर देने के आसपा ने कमर कस ली हैं, भीम आर्मी चीफ व नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में अगले माह 2 जून से सत्ता परिवर्तन यात्रा निकालेंगे यह यात्रा दलित, मुस्लिम के साथ पिछड़े वर्ग में भी सत्ता परिवर्तन सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
बहुजन समाज के साथ पूरे प्रदेश में बना रहे मजबूत आधार को देखते हुए 2 जून से आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) सत्ता परिवर्तन यात्रा निकालने जा रही है, जो पश्विमी यूपी से शुरू होकर पूरे सूबे में हलचल मचाने की तैयारी में जुट गई। पार्टी जानकारों की माने तो आगामी विधानसमा चुनाव में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद बड़े राजनीतिक दल के साथ उतरने वाले हैं, सूत्रों का कहना कि चंद्रशेखर आजाद इस बार मेरठ की हस्तिनापुर सीट से ताल ठोकेंगे, उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित हस्तिनापुर विधानसभा सीट (सीट संख्या: 45) का इतिहास बेहद अनोखा और दिलचस्प है।
इसे महाभारत काल में पांडवों और कौरवों की राजधानी माना जाता है। आधुनिक समय में इसे उत्तर प्रदेश का ‘चुंबकीय विधानसभा क्षेत्र’ कहा जाता है, क्योंकि यहाँ एक अचूक राजनीतिक संयोग जुड़ा हुआ है। जिसकी सीट उसकी सरकार का अनोखा संयोग रहा है, हस्तिनापुर की सबसे बड़ी पहचान यह है कि 1957 से लेकर अब तक, जिस भी पार्टी का विधायक यहाँ से चुनाव जीतता है, उत्तर प्रदेश में उसी की सरकार बनती है। भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, और बहुजन समाज पार्टी सहित सभी प्रमुख दलों के लिए यह सीट एक राजनीतिक बैरोमीटर मानी जाती है।
यह विधानसभा सीट 1967 से अनुसूचित जाति (SC) के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है। यहाँ लगभग साढ़े तीन लाख मतदाता हैं, जिनमें मुस्लिम दलित और गुर्जर मतदाताओं की संख्या निर्णायक मानी जाती है।




