21-22 नवंबर को होनी है किरण की शादी, 15-20 दिन से रास्ता बंद होने का आरोप; जिलाधिकारी से लगाई गुहार, अब मिशन शक्ति की परीक्षा
अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। एक तरफ बेटी की शादी की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन इसी बीच घर तक आने-जाने का रास्ता बंद होने के आरोप ने परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शादी की खुशियों के बीच रास्ते का विवाद अब प्रशासन की कार्यशैली और महिलाओं को न्याय दिलाने के दावों से भी जुड़ गया है। इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के भड़सारी गांव निवासी किरण वर्मा ने अपने पट्टीदार पर घर तक आने-जाने वाला रास्ता बंद करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। किरण की शादी 21-22 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है। आरोप है कि पिछले 15 से 20 दिनों से रास्ता बंद होने के कारण परिवार परेशान है।
जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में किरण वर्मा, पुत्री स्वर्गीय कर्मजीत, ने बताया कि उनके घर तक आने-जाने वाले रास्ते को पट्टीदार रामदयाल वर्मा के पुत्र जयराम वर्मा ने कथित तौर पर बंद कर दिया है। प्रार्थिनी के मुताबिक, रास्ते को लेकर 15 सितंबर 2023 को आपसी समझौता कराया गया था, जिसके बाद रास्ता खुल गया था। लेकिन अब दोबारा रास्ता बंद किए जाने से आवागमन बाधित हो गया है। पीड़िता ने प्रशासन से मामले की जांच कराकर रास्ता खुलवाने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
करीब दो साल पहले उठ चुका है पिता का साया, अब शादी के बीच रास्ते का संकट
किरण के पिता की करीब दो साल पहले मौत हो चुकी है। ऐसे में बेटी की शादी की जिम्मेदारियों के बीच रास्ता बंद होने का विवाद परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। नवंबर में शादी की तारीख तय होने के कारण तैयारियों का समय भी तेजी से बीत रहा है। घर तक पहुंचने का रास्ता बंद रहने से रिश्तेदारों और मेहमानों के आवागमन के साथ शादी से जुड़े अन्य इंतजाम प्रभावित होने की आशंका है। परिवार की चिंता है कि यदि समय रहते रास्ता नहीं खुला तो शादी के आयोजन के दौरान मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
मिशन शक्ति के दावों के बीच न्याय की आस
प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा व्यवस्था और शिकायतों के निस्तारण से जुड़ी जानकारी देने पर भी जोर दिया जाता है। ऐसे में किरण का मामला एक अहम सवाल खड़ा करता है कि जब शादी के मुहाने पर खड़ी एक बेटी रास्ते की समस्या को लेकर प्रशासन से गुहार लगा रही है, तो उसे समय रहते राहत कब मिलेगी?
क्या मिशन शक्ति केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित रहेगा या जरूरत पड़ने पर पीड़ित महिला को न्याय दिलाने में भी प्रभावी भूमिका निभाएगा? यह सवाल अब प्रशासन के सामने है। हालांकि, रास्ता बंद किए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासनिक जांच का निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
शादी से पहले रास्ता खुलवाने की मांग
किरण ने जिलाधिकारी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर जांच कराने, घर तक आने-जाने का रास्ता खुलवाने और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। अब निगाहें प्रशासन के कदम पर टिकी हैं कि शादी की तारीख आने से पहले पीड़िता को राहत मिलती है या उसे अपनी ही खुशियों के बीच रास्ते के विवाद से जूझना पड़ता है।




