मरहरा बाजार में श्रीराम कथा का दूसरा दिन, कथा व्यास निशि सिंह चौहान ने सुनाई भगवान शिव और माता सती की कथा
अवधी खबर संवाददाता
मालीपुर, अम्बेडकरनगर। भियांव ब्लॉक के मरहरा बाजार में सनातन शक्ति सेवा समिति की ओर से आयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास निशि सिंह चौहान ने सती दहन और दक्ष यज्ञ विध्वंस की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। भगवान शिव और माता सती के प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के दौरान महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।
कथा व्यास निशि सिंह चौहान ने बताया कि प्रजापति दक्ष ब्रह्मा जी के मानस पुत्र थे। उनकी पुत्री सती ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया था, लेकिन दक्ष को यह रिश्ता पसंद नहीं था। वह भगवान शिव के वैरागी स्वरूप और उनके रहन-सहन को लेकर मन में द्वेष रखते थे।
कथा के अनुसार, एक बार प्रजापति दक्ष ने भव्य यज्ञ का आयोजन किया, जिसमें तीनों लोकों के देवी-देवताओं, ऋषि-मुनियों और राजाओं को आमंत्रित किया गया। हालांकि, उन्होंने जानबूझकर अपनी पुत्री सती और दामाद भगवान शिव को निमंत्रण नहीं दिया। जब माता सती को नारद जी के माध्यम से यज्ञ की जानकारी मिली तो उन्होंने भगवान शिव से पिता के घर जाने की अनुमति मांगी। भगवान शिव ने बिना निमंत्रण जाने को उचित नहीं बताया, लेकिन माता सती ने पिता के घर जाने के लिए निमंत्रण की आवश्यकता न होने की बात कहते हुए वहां जाने का निर्णय लिया।
यज्ञशाला पहुंचने पर माता सती ने देखा कि प्रजापति दक्ष ने उनका स्वागत नहीं किया। इसके विपरीत, उन्होंने सभी के सामने भगवान शिव का अपमान करना शुरू कर दिया। अपने पति के प्रति अपमानजनक शब्द सुनकर माता सती व्यथित हो उठीं। पिता के अहंकार और भगवान शिव के अपमान से आहत होकर उन्होंने योगाग्नि के माध्यम से अपना शरीर त्यागने का संकल्प लिया और यज्ञस्थल पर ही अपने प्राण त्याग दिए।
माता सती के देह त्याग की सूचना मिलने पर भगवान शिव क्रोधित हो उठे। उन्होंने अपनी जटा से वीरभद्र और भद्रकाली को प्रकट किया। वीरभद्र ने यज्ञ का विध्वंस कर दिया और प्रजापति दक्ष का सिर काट दिया। बाद में देवताओं की प्रार्थना पर भगवान शिव ने दक्ष को बकरे का सिर लगाकर पुनर्जीवित कर दिया।
कथा व्यास ने इस प्रसंग के माध्यम से अहंकार के दुष्परिणाम और भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। संगीतमय कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजक विजय बहादुर सिंह, शैलेश कुमार सिंह, आलोक कुमार विश्वकर्मा, राजेश तिवारी, अजय गोस्वामी सहित अन्य लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई।




