ग्राम प्रधान की ‘कृपा’ से डूबा कोरझा, पानी में उतराया सिस्टम
अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकर नगर।डबल इंजन सरकार के ‘विकास के वादों’ की हकीकत कोरझा गांव की गलियों में बह रही है—और वह भी बारिश के गंदे पानी के साथ। ग्राम सभा कोरझा में ग्राम प्रधान मोहसिन जाफरी द्वारा करवाया गया नाली निर्माण अब गांव वालों के लिए सिरदर्द बन गया है। हल्की बारिश में ही हालात ऐसे बन गए कि सड़कें नहीं, मानो गांव के बीचों-बीच तालाब बन गए हों।
नाली बनी दिखावा, निकासी बनी मज़ाक
स्थानीय लोगों ने बताया कि नालियां केवल फाइलों में बनी हैं, ज़मीन पर हालात बेहाल हैं। नालियों में गाद भरी है, निकासी का कोई सिस्टम नहीं है और जहां-जहां साइफन डाले गए हैं, वहां पानी उल्टा घरों की ओर चढ़ रहा है।
बच्चों-बुजुर्गों की जान जोखिम में
जलभराव के कारण स्कूली बच्चों और बुजुर्गों का गिरकर चोटिल होने की संभावना हो गई है। गांव में कई घरों के अंदर तक पानी घुस सकता है। लोगों को चप्पल पहनकर भी कीचड़ पार करना मुश्किल हो रहा है।
प्रशासन से राहत की मांग, चेतावनी भी दी
गांववासियों ने एसडीएम और बीडीओ से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटे के भीतर जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो पंचायत कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
विकास की पोल खोलती बरसात
कोरझा की ये तस्वीरें सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि उन तमाम सरकारी योजनाओं की हकीकत बयां करती हैं जो कागजों पर तो चमकती हैं, लेकिन ज़मीन पर गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं। सवाल यह है कि क्या प्रशासन आंखें खोलेगा या यह विकास यूं ही दलदल में सड़ता रहेगा?





