साइबर क्राइम की खुली चुनौती, बैंक प्रबंधन की चुप्पी संदेहास्पद
अवधी खबर संवाददाता
अंबेडकरनगर (प्रमोद वर्मा)।
बैंक ऑफ़ बड़ौदा के बीसी पॉइंट संचालन में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। अकबरपुर क्षेत्र के सोनगांव में बैंक ऑफ़ बड़ौदा शाखा के बगल में संचालित बीसी पॉइंट पर डमी फिंगर का उपयोग कर खुलेआम लेनदेन किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, बीसी संचालक राधे मोहन स्वयं मौके पर नहीं रहते, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति को बैठाकर फर्जी तरीके से ग्राहकों के बैंकिंग कार्य संपन्न कराए जाते हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे खेल में बैंक प्रबंधन की मिलीभगत की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि शाखा प्रबंधक की शह पर यह अवैध धंधा फलफूल रहा है। बीसी पॉइंट से होने वाला हर लेनदेन संचालक की अनुपस्थिति में डमी फिंगर के सहारे किया जाता है, जो न केवल आरबीआई के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है बल्कि यह सीधा-सीधा साइबर क्राइम की श्रेणी में आता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब इस बीसी पॉइंट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हों। पहले भी कई बार ग्राहकों को लेनदेन में समस्याओं का सामना करना पड़ा है, लेकिन बैंक प्रबंधन हर बार मामले को दबा देता है।
प्रश्न उठता है की जब फर्जी फिंगर से बैंकिंग हो सकती है, तो ग्राहक की गोपनीयता और सुरक्षा कहां है? क्या बैंक प्रशासन की आंखें बंद हैं या जानबूझकर मूकदर्शक बना हुआ है? आखिर कब तक साइबर क्राइम के ऐसे अड्डे बैंक की नाक के नीचे चलते रहेंगे? बैंक ऑफ़ बड़ौदा और जिला प्रशासन को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर जांच शुरू करनी चाहिए। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो यह मामला बड़ी साइबर ठगी में तब्दील हो सकता है, जिसकी कीमत आम जनता को चुकानी पड़ेगी।





