श्रावण मास धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उल्लास का प्रतीक – विवेक वर्मा

Spread the love

अम्बेडकर नगर।भारत एक विविधतापूर्ण सांस्कृतिक देश है जहां हर ऋतु का विशेष महत्व होता है। इन ऋतुओं में सावन का महीना अत्यंत खास माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार सावन मास वर्षा ऋतु में आता है और यह श्रावण मास के नाम से भी जाना जाता है। यह आमतौर पर जुलाई अगस्त के महीने में पड़ता है। यह समय प्रकृति की हरियाली,सुगंधित वातावरण,धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उल्लास का प्रतीक है।

सावन का नाम सुनते ही मन में हरियाली,झूले कजरी गीत,रिमझिम बारिश और शिव भक्ति की छवि उभर आती है। यह महीना विशेषकर भगवान शिव की आराधना के लिए जाना जाता है। सावन के प्रत्येक सोमवार को ‘सावन सोमवार व्रत’ रखा जाता है। जिसमें श्रद्धालु व्रत रखते है और शिवलिंग पर जल,दूध,बेलपत्र आदि अर्पित करते है। विशेषकर कावड़ यात्रा का आयोजन इस महीने की विशेष धार्मिक परंपरा है,जिसमें भक्त गंगा जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए शिव मंदिरों में जल अर्पित करते है।

सावन का मौसम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है,बल्कि इसका प्राकृतिक सौंदर्य भी अनुपम होता है। चारों ओर हरियाली छा जाती है,खेतों में फसले लहलहाने लगती है और पेड़-पौधे नवजीवन से भर उठते है। इस मौसम में पृथ्वी मानो हरी चादर ओढ़ लेती है। बारिश की रिमझिम बूंदे मन को सुकून देती है और बातावरण को शीतल बना देती है। बच्चे बारिश में नाचते है,झूले झूलते है और महिलाएं लोकगीतों की धुन पर थिरकती है। कजरी,झूला और मल्हार जैसे लोकगीत सावन की शोभा को बढ़ाते है।

इस महीने को महिलाओं के लिए भी विशेष माना जाता है। वे मेंहदी रचाती है,हरे वस्त्र पहनती है और झूले डालकर उत्सव मनाती है। विशेषकर तीज और राखी जैसे पर्व भी इसी मास में आते है,जो पारिवारिक प्रेम,भाई-बहन के रिश्ते और दाम्पत्य जीवन की मिठास को दर्शाते है।

हालांकि आधुनिक जीवनशैली और शहरीकरण के कारण सावन की पारंपरिक छटा कुछ हद तक धूमिल हो रही है,फिर भी गांवों और छोटे कस्बे में आज भी इसकी परंपराएं जीवित है। सावन का महीना लोगों को प्रकृति के करीब लाने और आपसी सौहार्द बढ़ाने का शशक्त माध्यम है।


Spread the love

Related Posts

लेडी सिंघम का सख्त फरमान! 1 घंटे में कार्य भार से मुक्ति, लापरवाही पर कार्रवाई तय

Spread the love

Spread the loveअवधी खबर संवाददाता अम्बेडकरनगर (प्रमोद वर्मा)। जनपद की पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह, जिन्हें उनकी सख्त कार्यशैली के चलते लोग ‘लेडी सिंघम’ भी कहते हैं, ने एक कड़ा आरटी…


Spread the love

मजिस्ट्रेट लिखी गाड़ी में सफाई कर्मचारी बना वाहन चालक! ठेके पर शराब, गांव की सफाई भगवान भरोसे

Spread the love

Spread the loveअवधी खबर संवाददाता अम्बेडकरनगर (प्रमोद वर्मा)।अकबरपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गतकनक पट्टी गांव निवासी सफाई कर्मचारी से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने जिले की सरकारी व्यवस्था पर…


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *