मनरेगा में बड़ी कार्रवाई! BDO का डोंगल निरस्त, एपीओ के वित्तीय अधिकार प्रतिबंधित करने के निर्देश

Spread the love

ग्राम प्रधान के बिना जानकारी और अनुमति के ही एपीओ द्वारा रोजगार सेवक से मिलकर मनरेगा में कराए जा रहे थे कार्य

अवधी खबर संवाददाता

अम्बेडकरनगर।
मनरेगा में कथित भ्रष्टाचार को लेकर प्रदेश की राज्य मंत्री ग्राम विकास, ग्राम अभियंत्रण एवं समग्र विकास विजयलक्ष्मी गौतम ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने जनपद के कटेहरी विकासखंड में तैनात खंड विकास अधिकारी का डोंगल प्रदेश सरकार से डिलीट कराने और वित्तीय अधिकार प्रतिबंधित करने के साथ ही कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा अमरजीत के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए नौकरी से हटाने के निर्देश अपर आयुक्त मनरेगा, उत्तर प्रदेश को दिए हैं।

यह पूरा मामला कटेहरी विकासखंड के ग्राम पंचायत पीठापुर सरैया से जुड़ा है, जहां ग्राम प्रधान मोहिनी निषाद ने आरोप लगाया था कि उनकी जानकारी और अनुमति के बिना ही एपीओ द्वारा रोजगार सेवक से मिलकर मनरेगा के कार्य कराए जा रहे हैं। जबकि ग्राम प्रधान पद पर मौजूद हैं और उन्हें किसी भी कार्य की सूचना नहीं दी जा रही थी।


ग्राम प्रधान का आरोप है कि मनरेगा में जब भी किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो वसूली ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी से की जाती है, जबकि वास्तविक जिम्मेदार अधिकारी बच निकलते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खंड विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा और एपीओ के संरक्षण में ग्राम पंचायत में लगातार मनरेगा कार्य कराए जाते रहे।


पीड़िता ग्राम प्रधान मोहिनी निषाद, जो अति पिछड़ी जाति से संबंध रखती हैं, ने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा उन्हें बार-बार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। उन्होंने कई बार राज्य मंत्री से मिलकर अपनी आपबीती साझा की। राज्य मंत्री द्वारा पूर्व में प्रमुख सचिव ग्राम विकास को पत्र लिखे जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।


लगातार शिकायतें मिलने और मामला दोबारा संज्ञान में आने पर राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम ने इस बार सख्त रुख अपनाते हुए खंड विकास अधिकारी कटेहरी का डोंगल निरस्त करने, वित्तीय अधिकार सीज करने तथा कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा अमरजीत के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी संबंधित एपीओ के खिलाफ मनरेगा में भ्रष्टाचार के आरोपों में मुकदमा दर्ज हो चुका है, लेकिन अधिकारियों की कथित शह पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी थी।


राज्य मंत्री की इस सख्त कार्रवाई से जनपद ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में मनरेगा से जुड़े अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं, कुछ लोग अपने बचाव में इधर-उधर दौड़ लगाते नजर आ रहे हैं। मामले में प्रभारी डीसी/पीडी मनरेगा अनिल सिंह ने कहा कि उन्हें प्रकरण की जानकारी नहीं है, आदेश की प्रति मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह कार्रवाई मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संकेत मानी जा रही है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होने की उम्मीद जताई जा रही है।


Spread the love

Related Posts

धान खरीद घोटाले में एफआईआर के बाद सचिव की और मुश्किले बढ़ी, धारा में बढ़ोत्तरी

Spread the love

Spread the loveअम्बेडकरनगर। धान क्रय केंद्र में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले में दर्ज एफआईआर में अब गंभीर धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद…


Spread the love

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रोहित मिश्रा के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब, के.पी बाबा ने गर्मजोशी से किया अभिनंदन

Spread the love

Spread the loveअवधी खबर संवाददाता सुल्तानपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ रोहित मिश्रा के पश्चिम क्षेत्र आगमन पर नोएडा में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में सुल्तानपुर जनपद के…


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *