प्रियंका वर्मा
अयोध्या।कड़ाके की ठंड के बीच जैन संपदा के दिगंबर साधु-संतों की पदयात्रा ने रामनगरी अयोध्या में भक्ति, श्रद्धा और अटूट विश्वास का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। जैन धर्म के विभिन्न संप्रदायों से जुड़े साधु-संतों के भव्य आगमन से नगर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।साधु-संतों के आगमन के उपलक्ष्य में नयाघाट से रायगंज स्थित जैन मंदिर तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
शोभायात्रा में दिगंबर स्वरूप में साधु-संत अनुशासन और संयम के साथ पदयात्रा करते नजर आए, वहीं जैन समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए।ढोल-नगाड़ों, धार्मिक जयघोषों और अनुशासित पदयात्रा के माध्यम से अहिंसा, शांति और धर्म का संदेश दिया गया। साधु-संतों के दर्शन के लिए मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर दिखाई दिया।
शोभायात्रा का समापन रायगंज स्थित जैन मंदिर परिसर में हुआ, जहां साधु-संतों ने प्रवचन के माध्यम से धर्म, संयम, तप और नैतिक जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अहिंसा और आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।जैन साधु-संतों की यह शोभायात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि अयोध्या में आपसी सौहार्द और आध्यात्मिक चेतना को और अधिक सशक्त करने वाली साबित हुई।