–कागजों में चल रहा तालाब खुदाई कार्य, जमीन पर नहीं दिख रहा कोई मजदूर
विक्रमजोत, बस्ती। जिले में मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद अनियमितताओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला विकासखंड विक्रमजोत के ग्राम पंचायत चन्द्रपलिया का है, जहां मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की शिकायत सामने आई है।
आरोप है कि यहां सुबह मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की जाती है, जबकि शाम को ऑफलाइन तरीके से पुराने फोटो अपलोड कर मस्टर रोल पूरा किया जा रहा है। इससे शासन की मंशा और मनरेगा एक्ट की खुलेआम अनदेखी हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, कागजों में प्रतिदिन मनरेगा कार्य दर्शाया जा रहा है, लेकिन मौके पर न तो कोई मजदूर कार्य करते दिखाई दे रहा है और न ही तालाब खुदाई जैसा कोई कार्य संचालित हो रहा है।
इस पूरे मामले में महिला मेट सुमन की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है, जो कथित रूप से पुराने फोटो अपलोड कर मस्टर रोल भरने का काम कर रही हैं। वहीं, ग्राम प्रधान मिथिलेश सिंह पर भी इस फर्जीवाड़े को बढ़ावा देने के आरोप लग रहे हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि सचिव श्याम प्रकाश भारती, तकनीकी सहायक (टीए/जेई) और मनरेगा एपीओ इस पूरे मामले में अनजान बने हुए हैं, जबकि उनके स्तर से निगरानी की जिम्मेदारी तय है।
रोजगार सेवक शिव कुमार सिंह ने भी बातचीत में स्वीकार किया कि ग्राम पंचायत में चल रहे कार्यों को लेकर उन्हें सीमित जानकारी है और महिला मेट द्वारा फर्जी हाजिरी लगाए जाने की बात सामने आ रही है।
गौरतलब है कि शासनादेश के अनुसार मनरेगा कार्यों में सुबह और शाम दोनों समय ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य है, लेकिन यहां नियमों को दरकिनार कर मनमानी की जा रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी में चल रहे इस कथित फर्जीवाड़े पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और दोषियों के खिलाफ कब तक सख्त कदम उठाए जाते हैं।




