साँऊघाट, बस्ती। विकासखंड साँऊघाट अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनहटी बुजुर्ग में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि खंड विकास अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव की कथित मिलीभगत से यहां मनरेगा कार्यों में फर्जीवाड़ा धड़ल्ले से जारी है।
मामले के अनुसार, महिला मेट रामावती देवी द्वारा मनरेगा मजदूरों के नाम पर फर्जी फोटो अपलोड कर ऑनलाइन मस्टर रोल पूर्ण किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि तालाब खुदाई एवं सफाई के नाम पर दो ऑनलाइन मस्टर रोल जारी किए गए हैं, जिनमें 127 मजदूरों की संदिग्ध हाजिरी दर्ज की गई है।
मीडिया पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि जिस तालाब की खुदाई व सफाई दिखाकर भुगतान की प्रक्रिया चलाई जा रही है, वह तालाब पूरी तरह पानी से भरा हुआ है और चारों ओर जलकुंभी फैली हुई है। ऐसे में मौके पर कार्य होने की संभावना पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्राम प्रधान हसीना बानों और महिला मेट रामावती देवी पर आरोप है कि वे उच्चाधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर मनरेगा नियमों की अनदेखी कर रही हैं। वहीं, सचिव, तकनीकी सहायक और मनरेगा एपीओ पर भी कमीशनखोरी में लिप्त होकर इस फर्जीवाड़े में सहयोग करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब तालाब में पानी भरा है और जलकुंभी से ढका हुआ है, तो वहां मनरेगा कार्य कैसे संभव है? साथ ही, मनरेगा साइट पर अपलोड की जा रही फोटो की सत्यता की जांच क्यों नहीं की जा रही है? यह पूरा मामला अब जांच का विषय बन गया है।
इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल ने प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या फर्जी मस्टर रोल को निरस्त किया जाता है या नहीं।




