अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकर नगर।आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ता सेवा समिति ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं की विभिन्न लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की है। समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पा तिवारी ने कहा कि प्रदेश की लाखों आशा और आशा संगिनी बहनें पिछले 21 वर्षों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कर रही हैं।
ज्ञापन में मांग की गई है कि आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। जब तक नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक उन्हें सम्मानजनक मानदेय के रूप में ₹18,000 से ₹21,000 प्रतिमाह दिया जाए।
इसके अलावा, समिति ने वर्ष 2024 में आशाओं से लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपे गए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के कार्य को पुनः आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं को सौंपने की मांग की है। समिति का कहना है कि वर्ष 2017 से आशा कार्यकर्ता इस योजना का सफलतापूर्वक संचालन कर रही थीं।
ज्ञापन में आयुष्मान कार्ड भुगतान में अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग भी उठाई गई है। समिति का आरोप है कि कार्ड बनाने का कार्य आशाओं से कराया गया, लेकिन कई स्थानों पर भुगतान नहीं किया गया।
साथ ही भुगतान से संबंधित रसीद एवं वाउचर की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर की आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ता व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।




