अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। महरुआ थाना क्षेत्र के चर्चित गोलीकांड मामले में नया मोड़ सामने आया है। मामले के वादी ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि घटना में शामिल एक आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद उसका सहयोगी अभी भी खुलेआम घूम रहा है और गवाहों व पीड़ित पक्ष को जान से मारने की धमकी दे रहा है।
सिलावट गांव निवासी आदित्य प्रताप सिंह ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके भाई आशुतोष प्रताप सिंह पर 31 मई 2026 की रात पुरानी रंजिश के चलते जानलेवा हमला किया गया था। आरोप है कि आरोपी ने अवैध पिस्टल से गोली चलाई थी, जबकि उसका सहयोगी भी घटना में शामिल था। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन प्रकाश में आए दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है।
पीड़ित का आरोप है कि फरार आरोपी लगातार उन्हें और उनके भाई को जान से मारने की धमकी दे रहा है तथा बाहरी अपराधियों के साथ मिलकर किसी बड़ी वारदात की साजिश रच रहा है। इतना ही नहीं, गवाहों पर भी दबाव बनाया जा रहा है ताकि वे पुलिस जांच में बयान न दें।
शिकायती पत्र में यह भी दावा किया गया है कि फरार आरोपी के खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी पुलिस को भी है। इसके बावजूद गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब एक आरोपी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुका है, तो दूसरे नामजद आरोपी पर पुलिस का हाथ आखिर क्यों नहीं पहुंच पा रहा? क्या पुलिस किसी बड़े दबाव में है या फिर गिरफ्तारी में हो रही देरी किसी नई आशंका को जन्म दे रही है?
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर फरार आरोपी की गिरफ्तारी तथा निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित कराने की मांग की है। वहीं क्षेत्र में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।




