अवधी खबर संवाददाता
अम्बेडकरनगर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, में यूजीसी मेंटल हेल्थ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 अमित कुमार गुप्ता, विभागाध्यक्ष, मानसिक रोग विभाग ने किया। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। डॉ0 अमित कुमार गुप्ता ने डिप्रेशन के बारे में बताया कि 14 से 15 दिन तक लगातार मन दुखी रहना, जिसमें रुचि होती है उसमें कमी आ जाती है।
जल्दी थकान होने लगते हैं यह सारे डिप्रेशन के लक्षण होते हैं इसके साथ-साथ अन्य बीमारियों के बारे में बताया जिससे आत्महत्या की दर को कम किया जा सके। डिसोसिएटिव डिसऑर्डर, हिस्टीरिया, शिजोफ्रेनिया, आइसोलेशन, हाइलोजनेशन, इल्यूजिनेशन, डिल्युजनल, सस्पाइसियसनेस, पर्सनैलिटी डिसऑर्डर, स्किजोफ्रेनिया, एडजस्टमेंट डिसऑर्डर, बर्नआउट एवं अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लक्षण, कारण, पहचान एवं उपचार के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय रहते मानसिक समस्याओं की पहचान करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करने के महत्व को समझाया।
उन्होंने यह भी बताया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजर अंदाज करने के बजाय समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है। मानसिक रोगों का उचित उपचार एवं काउंसलिंग के माध्यम से प्रभावी प्रबंधन किया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ0 सुधांशु चंदेल, सहायक आचार्य, मानसिक रोग विभाग द्वारा भी मानसिक स्वास्थ्य एवं विभिन्न मानसिक रोगों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
उन्होंने मानसिक रोगों के प्रारंभिक लक्षणों तथा एंजायटी एग्रो फोबिया, स्पेसिफिक फोबिया, सोशल फोबिया, जनरलाइज्ड एवं पैनिक डिसऑर्डर इन सभी की पहचान, रोगियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार तथा समय पर उपचार एवं परामर्श के महत्व को समझाया ।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नर्सिंग स्टाफ के साथ संवादात्मक चर्चा एवं विशेष वार्ता भी की गई, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर उनके प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
नर्सिंग स्टाफ ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अपनी रुचि दिखाई। कार्यक्रम में नर्सिंग स्टाफ से गायत्री कुशवाहा, रूपम रानी, मीना यादव, सलोनी चौधरी, तराना, संगीता राजपूत, प्रमिला यादव, रेखा, सुशीला देवी, रूपल वर्मा, प्रतिमा पाठक, शशि वर्मा एवं ए.टी.एफ. की टीम की सक्रिय सहभागिता रही जिसमें विनोद कनौजिया एवं प्रियम खरे, काउंसलर, अनुराग त्रिपाठी स्टाफ नर्स तथा स्वीटी शर्मा डाटा मैनेजर उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में टीचर एसोसिएशन का भी महत्वपूर्ण एवं भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ। इसके साथ ही LT-1 से हिमांचल एवं राजित राम का भी कार्यक्रम के आयोजन एवं संचालन में सहयोग रहा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक रोगों की समय रहते पहचान एवं उपचार को प्रोत्साहित करना तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े भ्रम एवं संकोच को दूर करना रहा।



